महिला सुरक्षा को लेकर खड़गे ने केंद्र को घेरा, कहा- 'मोदी की पार्टी ने कई बार पीड़िता का चरित्र हनन किया'
Congress president Mallikarjun Kharge: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार (29 अगस्त) को महिला सुरक्षा को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने भाषणों में कई बार इस मुद्दे पर बात की है, लेकिन उनकी सरकार ने महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए कुछ भी ठोस नहीं किया है।
खड़गे ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध एक गंभीर मुद्दा है और इन अपराधों को रोकना देश के लिए एक बड़ी चुनौती है। सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने लिखा, ''हमारी महिलाओं के साथ हुआ कोई भी अन्याय असहनीय है, पीड़ादायक है और घोर निंदनीय है। हमें 'बेटी बचाओ' नहीं 'बेटी को बराबरी का हक सुनिश्चित करो' चाहिए।''

मल्लिकार्जुन खड़गे बोले- 'देश में हर घंटे महिलाओं के खिलाफ 43 अपराध दर्ज होते हैं'
खड़गे ने कहा, महिलाओं को संरक्षण (protection) नहीं, भयमुक्त वातावरण (safety) चाहिए।'' उन्होंने आगे कहा, ''देश में हर घंटे महिलाओं के खिलाफ 43 अपराध रिकॉर्ड होते हैं। हर दिन 22 अपराध ऐसे हैं जो हमारे देश के सबसे कमजोर दलित-आदिवासी वर्ग की महिलाओं व बच्चों के खिलाफ दर्ज होते हैं। अनगिनत ऐसे अपराध है जो दर्ज ही नहीं होते - डर से, भय से, सामाजिक कारणों के चलते।''
खड़गे बोले- मोदी की पार्टी ने कई बार पीड़िता का चरित्र हनन किया है
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी जी लाल किले के भाषणों में कई बार महिला सुरक्षा पर बात कर चुके हैं, पर उनकी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में ऐसा कुछ ठोस नहीं किया जिससे महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कुछ रोकथाम हो। उल्टा, उनकी पार्टी ने कई बार पीड़िता का चरित्र हनन भी किया है, जो शर्मनाक है।''
खड़गे ने उठाए सवाल- क्या सरकार ने वारदात को छिपाने का काम नहीं किया है?
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ''हर दीवार पर "बेटी बचाओ" पेंट करवा देने से क्या सामाजिक बदलाव आएगा या सरकारें व कानून व्यवस्था सक्षम बनेगी? क्या हम जरूरी कदम उठा पा रहे हैं? क्या हमारा आपराधिक न्याय प्रणाली सुधरा है? क्या समाज के शोषित व वंचित अब एक सुरक्षित वातावरण में रह पा रहे हैं? क्या सरकार और प्रशासन ने वारदात को छिपाने का काम नहीं किया है? क्या पुलिस ने पीड़िताओं का अंतिम संस्कार जबरन करना बंद कर दिया है, ताकि सच्चाई बाहर न आ पाएं?''
मल्लिकार्जुन खड़गे बोले- जस्टिस वर्मा कमेटी की सिफारिशें पूर्णत लागू हो गई है?
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ''हमें ये सोचना है कि जब 2012 में दिल्ली में ''निर्भया'' के साथ वारदात हुई तो जस्टिस वर्मा कमेटी की सिफारिशें लागू हुई थी, आज क्या उन सिफारिशों को हम पूर्णत लागू कर पा रहे हैं? क्या 2013 में पारित कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) एक्ट के प्रावधानों का ठीक ढंग से पालन हो रहा है, जिससे कार्यस्थल पर हमारी महिलाओं के लिए भयमुक्त वातावरण तैयार हो सके? संविधान ने महिलाओं को बराबरी का स्थान दिया है।''
मल्लिकार्जुन खड़गे बोले, ''महिलाओं के खिलाफ अपराध एक गंभीर मुद्दा है। इन अपराधों को रोकना देश के लिए एक बड़ी चुनौती है। हम सबको एकजुट होकर, समाज के हर तबके को साथ लेकर इसके उपाय तलाशने होंगे। अब वक्त आ गया है कि हम हर वो कदम उठाए जिससे महिलाओं के लिए भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित हो सके।''












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