शशि थरूर का दावा- कई नेता चाहते थे मैं ना लड़ूं चुनाव, राहुल गांधी से दबाव डलवाने का था प्लान
Congress President Election, 4 अक्टूबर: कांग्रेस में अध्यक्ष पद का चुनाव 17 अक्टूबर को होगा, जिस वजह से शशि थरूर अपने प्रचार में जुटे हुए हैं। इस बीच उन्होंने ये खुलासा किया कि कई कांग्रेस नेता चाहते थे कि वो अध्यक्ष पद का चुनाव ना लड़ें। इसके लिए उन्होंने राहुल गांधी से ये तक कह दिया था कि वो नामांकन वापसी के लिए मुझसे बात करें। हालांकि राहुल ने ऐसा करने से इनकार कर दिया, क्योंकि वो शशि थरूर पर किसी तरह का दबाव नहीं डालना चाहते थे।

थरूर के मुताबिक राहुल गांधी चाहते थे कि मैं अध्यक्ष चुनाव में रहूं, ताकि इससे पार्टी को फायदा हो, जो नेता जिसका समर्थन करना चाहता है, उसे करे। राहुल गांधी ने उनके विरोधियों को साफ इनकार कर दिया था कि वो मुझे नामांकन वापस लेने के लिए नहीं कहेंगे। वहीं हाल ही में केरल पीसीसी चीफ सुधाकरण ने मल्लिकार्जुन खड़गे के समर्थन का ऐलान किया था। इस पर उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि उनका (सुधाकरण) बयान मधुसूदन मिस्त्री के सर्कुलर से पहले आया था। मैं इसके लिए शिकायत नहीं करने जा रहा हूं। राहुला गांधी और सोनिया गांधी ने मुझे आश्वासन दिया है कि कोई आधिकारिक उम्मीदवार नहीं है। वो तटस्थ रहेंगे।
'खड़गे को चुनौती नहीं दी'
थरूर ने आगे कहा कि उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे को चुनौती नहीं दी और ना ही उनके बीच वैचारिक मतभेद हैं। बस दोनों की राय इस पर अलग हैं कि पार्टी को कैसे आगे बढ़ाया जाए। बस वो चाहते हैं कि 2024 में पार्टी अच्छा प्रदर्शन करे, क्योंकि उस वक्त स्थिति बहुत विकट होगी।
क्या है मधुसूदन मिस्त्री का सर्कुलर?
कांग्रेस हाईकमान की ओर से सोमवार को एक सर्कुलर जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि एआईसीसी महासचिव/प्रभारी, सचिव, संयुक्त सचिव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष, कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता, प्रवक्ता आदि किसी भी प्रत्याशी का प्रचार नहीं करेंगे।












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