'जॉर्ज सोरोस से कोई राजनीतिक संबंध, कभी नहीं लिए पैसे', हरदीप पुरी के दावे पर शशि थरूर की सफाई
Shashi Tharoor Refutes Hardeep Singh Puri claims: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के उस दावे का खंडन किया है, जिसमें पुरी ने कहा था कि थरूर ने 2009 में अमेरिका में आयोजित डिनर पार्टी के लिए अमेरिकी उद्योगपति जॉर्ज सोरोस का नाम आमंत्रित सूची में शामिल किया था।
थरूर ने कहा कि उनकी और पुरी की यादें उस डिनर को लेकर अलग हैं, जो पुरी ने अपने अमेरिका में भारतीय राजदूत रहते हुए आयोजित किया था। थरूर ने कहा, "मैं पूरी तरह से अनजान था कि जॉर्ज सोरोस का भारत में किसी फाउंडेशन से कोई संबंध था और न ही मैंने कभी उनसे इस विषय पर बात की थी।"

ज्ञात हो कि यह विवाद तब बढ़ा जब भाजपा ने 8 दिसंबर को गांधी परिवार पर आरोप लगाया कि उन्होंने जॉर्ज सोरोस के फाउंडेशन से फंड लिया है और दोनों मिलकर भारत की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं। इस पर शशि थरूर का 2009 का एक पोस्ट वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने सोरोस को एक वैश्विक नागरिक बताते हुए कहा था कि उनकी मुलाकात एक सामाजिक दोस्ती के रूप में हुई थी।
3 बिंदुओं में कांग्रेस नेता 'शशि थरूर' की सफाई पढ़िए
(1)थरूर ने 15 दिसंबर को कहा कि उनका सोरोस के साथ कोई राजनीतिक संबंध नहीं था और वह केवल एक सामाजिक मित्र थे। उन्होंने कभी सोरोस से या उनके फाउंडेशन से पैसे नहीं लिए।
(2)थरूर ने कहा कि वह 2009 में न्यूयॉर्क में विदेश राज्य मंत्री के रूप में थे, और तत्कालीन राजदूत हरदीप पुरी ने उनके लिए एक डिनर पार्टी आयोजित की थी, जिसमें सोरोस भी शामिल थे। इसके बाद से उनकी सोरोस से कोई मुलाकात नहीं हुई।
(3)थरूर ने यह भी कहा कि 15 साल पुराने ट्वीट के आधार पर उनके खिलाफ बेतुका आरोप लगाया जा रहा है, और इसे ट्रोल फैक्ट्री की साजिश बताया।
4 बिंदुओं में मोदी सरकार के मंत्री 'हरदीप पुरी' का जवाब पढ़िए
(1)पुरी ने कहा, "मैंने 11 अक्टूबर 2009 को थरूर का स्वागत किया था, जब मैं राजदूत था और वह विदेश राज्य मंत्री थे।"
(2) पुरी ने यह भी स्पष्ट किया कि डिनर पार्टी के मेहमानों की सूची वह नहीं, बल्कि थरूर ने तैयार की थी, जिसमें सोरोस का नाम भी था।
(3) पुरी ने यह बताया कि यह उनका सोरोस से मिलने का एकमात्र अवसर था।
(4) पुरी ने 15 दिसंबर को थरूर से इस मुद्दे पर फोन पर बात करने की कोशिश की, लेकिन थरूर ने फोन नहीं उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि अब उन्हें समझ में आ रहा है कि थरूर सोरोस से मिलना क्यों चाहते थे, क्योंकि सोरोस राजीव गांधी फाउंडेशन के लाभार्थियों में से एक थे।
भाजपा का आरोप, सोनिया गांधी पर निशाना
भाजपा ने 8 दिसंबर को कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि सोनिया गांधी ऐसी संस्थाओं से जुड़ी हैं जो कश्मीर को भारत से अलग करने की वकालत करती हैं। भाजपा का कहना है कि ये संगठन जॉर्ज सोरोस फाउंडेशन से फंड प्राप्त करते हैं। इसके अलावा, भाजपा ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि सोनिया गांधी FDL-AP संगठन की सहअध्यक्ष हैं, जो कश्मीर को अलग करने की बात करता है।
कौन है जॉर्ज सोरोस? कैसा रहा है भारत के प्रति रुख
जॉर्ज सोरोस, जो हंगरी के रहने वाले हैं, पर दुनिया भर के राजनीतिक और सामाजिक मामलों को प्रभावित करने का आरोप है। उनकी 'ओपन सोसाइटी फाउंडेशन' ने 1999 में भारत में अपनी शुरुआत की थी और बाद में 2014 में कई सामाजिक क्षेत्रों में फंडिंग देना शुरू किया था। 2016 में भारत सरकार ने उनकी संस्था की फंडिंग पर रोक लगा दी थी।
सोरोस ने कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके शासन के खिलाफ बयान दिए हैं, खासकर नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने को लेकर। उन्होंने मोदी सरकार को लोकतांत्रिक नहीं और भारत को हिंदू राष्ट्र बनने की ओर बढ़ता हुआ बताया था।
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