कोरोना संकट को लेकर कांग्रेस सांसद का पीएम मोदी पर हमला, इनका तो सारा ध्यान इलेक्शन लड़ने पर है
कोरोना संकट को लेकर कांग्रेस सांसद का पीएम मोदी पर हमला, इलेक्शन की बजाय सरकार चलाने पर होता ध्यान तो ना बिगड़ते हालात
नई दिल्ली, 27 अप्रैल: कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने देश में जारी कोरोना संकट को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया है। मंगलवार को तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार का सारा ध्यान चुनाव लड़ने पर है, देश में जारी संकटों की ओर उनका ध्यान नहीं है। जिसके नतीजे आज देश देख रहा है। अगर चुनाव की जगह सरकार चलाने पर भी ध्यान दिया गया होता तो शायद देश में आज कोरोना संकट इतना भयावह नहीं होता।

पंजाब के आनंदपुर साहिब लोकसभा सीट से कांग्रेस के एमपी मनीष तिवारी ने कहा, इस बात को लेकर तमाम एक्सपर्ट कह रहे थे कि कोरोना की दूसरी लहर पहली लहर की तुलना में अधिक घातक साबित होगी। सरकार को लगातार चेताया भी जा रहा था। ऐसे में जरूरत थी कि सावधान रहते हुए प्रभावी कदम उठाकर ये सुनिश्चित किया जाता कि लोगों के जीवन और आजीविका की रक्षा हो। इसके उलट इस सरकार ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह से भुला दिया और चुनाव लड़ने में ध्यान लगाए रखा। इसका नतीजा है कि कोरोना की दूसरी लहर कहर बरपा रही है और लोगों की जान जा रही है। लोगों की जिंदगियों जिस तरह से जा रही हैं, उसके लिए ये सरकार भी दोषी है।
तिवारी ने कहा कि मौजूदा मोदी सरकार ने लापरवाही और संवेदनहीनता की हदों को पार किया है। सरकार ने किसी की भी चेतावनी पर ध्यान देना जरूरी नहीं समझा, कोई मशविरा नहीं माना। आज जब संकट है तो हम शून्य पर खड़े हैं। सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर किसी भी मोर्चे पर कोई भी तैयारी क्यों नहीं की गई। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए तिवारी ने कहा कि चुनाव आयोग को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने जिस तरह की सख्त टिप्पणी की है, वो काफी कुछ बताती है।
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी कोरोना संकट पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की भी मांग कर चुके हैं। सोमवार को उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से आग्रह किया कि देश में कोरोना महामारी से पैदा हुए हालात पर चर्चा के लिए संसद का दो दिवसीय आपात सत्र बुलाया जाए। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा, अस्पतालों में बेड नहीं है, ऑक्सीजन नहीं है और न ही ठीक तरीके से टीकाकरण हो रहा है। आज की परिस्थिति ऐसी बन गई है कि श्मशान और कब्रस्तान भी भर चुके हैं। ऐसे में भारत के राष्ट्रपति से मांग करता हूं कि आप अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए तत्काल संसद का दो दिवसीय आपात सत्र बुलाइए ताकि सारी परिस्थिति को संज्ञान में लिया जा सके और एक व्यापक रणनीति तैयार की जा सके।












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