गला दबाने वाले बयान पर प्रियंका का यू-टर्न, कहा- गले पर हाथ लगाया
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शनिवार शाम पूर्व आईपीएस एसआर दारापुरी के घरवालों से मुलाकात की। इससे पहले प्रियंका गांधी ने यूपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने यूपी पुलिस पर गला दबाने की आरोप लगाया था। अब प्रियंका गांधी ने अपने बयान पर यू टर्न ले लिया है। प्रियंका गांधी ने कहा है कि, मुझे घेर कर महिला पुलिस ने मेरे गले पर हाथ लगाया और मुझे गिरा भी दिया।
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शनिवार देर मीडिया से बात करते हुए प्रियंका ने कहा कि, मैं दारापुरी की फैमिली से मिलने जा रही थी। पुलिस ने बार-बार रोका। जब गाड़ी को रोका और मैंने पैदल जाने की कोशिश की तो मुझे घेर के रोका और मेरे गले पर हाथ लगाया, मुझे गिरा भी दिया था एकबार। गला दबाने वाले बयान को लेकर बीजेपी ने इसे प्रियंका गांधी वाड्रा की नौटंकी करार दिया है। यूपी के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने इस संबंध में ट्वीट कर कांग्रेस महासचिव की आलोचना की है।
उधर इस मामले पर यूपी पुलिस ने सफाई दी है जिस पर प्रियंका का गला दबाने का आरोप है। सीओ लखनऊ डॉ अर्चना सिंह ने कहा कि, यह बिल्कुल भी सच नहीं है। मैं उनकी (प्रियंका गांधी वाड्रा) फ्लीट प्रभारी थी। किसी ने भी उसके साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया, मैंने केवल अपना कर्तव्य निभाया। मैं भी घटना के दौरान साथ थी। वहीं गला दबाने वाली घटना को लेकर लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि आरोप पूरी तरह गलत हैं। इस संबंध में सीओ एमसीआर डॉ. अर्चना सिंह ने रिपोर्ट दी है।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि, रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रियंका गांधी पार्टी दफ्तर से गोखले मार्ग के लिए निकली थीं। उनकी फ्लीट तय रास्ते से न जाकर लोहिया पथ की तरफ जाने लगी। इस पर जब बातचीत की गई तो कोई सही जवाब नहीं मिला। बाकी आरोप गलत हैं। वहीं रिटायर्ड आइपीएस एसआर दारापुरी की पत्नी बातचीत कर प्रियंका गांधी ने उनको आश्वासन दिया कि जल्द ही उनके पति जेल से बाहर होंगे। उन्होंने कहा कि फिक्र न करें, आप खुद को मजबूत रखें...आपके पति जल्द बाहर होंगे।












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