गुलाम नबी बोले, 'मेरा दिल रो रहा है', खुर्शीद ने कहा-'फंसा हुआ हूं', कांग्रेस की हार पर छलका नेताओं का दर्द
गुलाम नबी बोले, 'मेरा दिल रो रहा है', खुर्शीद ने कहा- 'मैं फंसा हुआ हूं', कांग्रेस की हार पर छलका नेताओं का दर्द
नई दिल्ली, 11 मार्च: उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, मणिपुर विधानसभा चुनाव-2022 के नतीजे आ गए हैं, इनमें से किसी भी राज्य में कांग्रेस जीत नहीं पाई है। ना ही कांग्रेस का प्रदर्शन बेहतर रहा है। कांग्रेस को पांचों राज्यों में मिली हार के बाद कांग्रेस के नेताओं खासकर वरिष्ठ नेता मायूस हैं। कांग्रेस के ऐसे शर्मनाक प्रदर्शन की उम्मीद शायद उन्हें नहीं थी। जी-23 द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए कई दिग्गजों ने कहा कि उन्हें इस बात का अंदेशा था कि चुनावों के नतीजे ऐसे हो सकते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सीडब्ल्यूसी के सदस्य गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि उनका दिल खून के आंसू रो रहा है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, "मैं पूरी तरह से ठगा हुआ और फंसा हुआ महसूस कर रहा हूं।''

'हैरान हूं, मेरा दिल रो रहा है...'
गुलाम नबी आजाद ने कहा, 'मैं हैरान हूं, राज्य दर राज्य हमारी हार को देखकर मेरा दिल रो रहा है। हमने पार्टी को अपनी पूरी जवानी और जिंदगी दे दी। मुझे यकीन है कि पार्टी का नेतृत्व उन सभी कमजोरियों और कमियों पर ध्यान देगा, जिनके बारे में मैं और मेरे सहयोगी काफी समय से बात कर रहे थे।" सूत्रों ने कहा कि जी-23 के कुछ नेता शनिवार को गुलाम नबी आजाद के आवास पर बैठक कर आगे की कार्रवाई तय करेंगे। सूत्रों ने कहा कि तत्काल चिंता दलबदल और यहां तक कि बंटवारे की चिंताओं के बीच पार्टी को एकजुट रखने की है।

'हमारी कोई कोशिश काम नहीं आई...'
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, ''प्रियंका गांधी वाड्रा ने अकेले उत्तर प्रदेश में 209 रैलियों और रोड शो को संबोधित किया। वह और राहुल गांधी हाथरस गए, लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या का मुद्दा उठाया। लेकिन कुछ काम नहीं आया। जाति और धार्मिक ध्रुवीकरण को देखते हुए हम यूपी में बहुत कुछ नहीं कर सकते थे। महिला केंद्रित अभियान उस अहसास से आया है। लेकिन इससे भी कोई फायदा नहीं मिला। यह एक दुखद अहसास है कि हमारे और हमारे नेताओं में विश्वसनीयता की कमी है जिससे हमारा संदेश देना मुश्किल हो जाता है।'' सलमान खुर्शीद ने कहा, 'मैं पूरी तरह से छला हुआ और फंसा हुआ महसूस कर रह हूं।'

'हम हर बार ये नहीं बोल सकते कि भाजपा ने हिंदू-मुस्लिम कार्ड से चुनाव जीता है'
एक युवा कांग्रेस नेता ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ''हम हर बार यह तर्क नहीं दे सकते कि भाजपा ने हिंदू-मुस्लिम कार्ड या ध्रुवीकरण खेलकर जीत हासिल की है। अगर हम ऐसा सोचते रहेंगे तो हम खुद को धोखा देंगे। पंजाब में मुसलमान कहाँ हैं? या, उस मामले के लिए उत्तराखंड, मणिपुर या गोवा? यह उससे कहीं ज़्यादा है। हमारे नेतृत्व में विश्वसनीयता की कमी है। हमें उस तथ्य को स्वीकार करना होगा। लेकिन हम अपनी पार्टी की संरचना को कैसे अब बढ़ा सकते हैं, इसपर फोकस करना होगा।''

थरूर बोले-हम सब चुनाव परिणामों से दुखी हैं...
इस बीच, पार्टी नेता शशि थरूर ने नेतृत्व सुधार के लिए अपना आह्वान दोहराया है। शशि थरूर ने ट्वीट किया, ''हम सभी जो कांग्रेस में विश्वास करते हैं, हाल के विधानसभा चुनावों के परिणामों से आहत हैं। यह भारत के उस विचार की पुष्टि करने का समय है जिसके लिए कांग्रेस खड़ी रही है और वह सकारात्मक एजेंडा जो राष्ट्र को प्रदान करता है और हमारे संगठनात्मक नेतृत्व को इस तरह से सुधारना है जो उन विचारों को फिर से जीवंत करेगा और लोगों को प्रेरित करेगा। एक बात स्पष्ट है- यदि हमें सफल होने की आवश्यकता है तो परिवर्तन करना ही होगा।''












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