कभी कोर्ट में टिकटॉक की पैरवी करने वाले अभिषेक मनु सिंघवी ने बैन के बाद दिया बड़ा बयान
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि वो चीनी ऐप टिकटॉक की तरफ से कोर्ट में पैरवी नहीं करेंगे। सिंघवी ने बताया कि टिकटॉक के लिए उन्होंने एक साल पहले सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की थी और वे केस जीते भी थे। लेकिन इस बार वो अदालत में चीनी ऐप का मुकदमा लड़ने के लिए नहीं खड़े होंगे।

देश के इस शीर्ष अधिवक्ता ने भी केस लड़ने से कर दिया हैं इंकार
बता दें केन्द्र सरकार ने दो दिनों 59 चीन के ऐप को भारत में प्रतिबंधित कर दिया था। इनमें भारत में अत्यधिक पॉपुलर टिक टॉक ऐप भी है। अब टिकटॉक कंपनी भारत में इसे फिर से शुरु कराने के लिए सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर करना चाहती हैं। लेकिन कोई भी अधिवक्ता अभी तक इनके केस को लड़ने के लिए तैयार नही हो रहा हैं। सिंघवी से पहले देश के शीर्ष वकीलों में शामिल पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने भी चीनी ऐप टिक-टॉक का मुकदमा लड़ने से इनकार कर दिया। रोहतगी ने बुधवार को कहा कि वह एक चीनी ऐप के लिए भारत सरकार के खिलाफ अदालत में खड़ा नहीं होंगे। टिक-टॉक ने मामले की पैरवी के लिए रोहतगी से संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने टिक-टॉक की तरफ से सरकार के खिलाफ पेश होने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वह भारत सरकार के खिलाफ चीनी ऐप के लिए कोर्ट में केस नहीं लड़ेंगे।
केन्द्र सरकार ने इसलिए बैन किए ये सारे चीनी ऐप
गौरतलब हैं कि 29 जून की रात्रि भारत सरकार ने 59 चीनी ऐप्स पर बैन लगा दिया है। जिन ऐप्स पर बैन लगे हैं उनमें फेमस ऐप टिकटॉक, वीवी वीडियो और यूसी ब्राउजर शामिल हैं। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत इन 59 चीनी मोबाइल ऐप्स पर पाबंदी लगाई है। मंत्रालय की तरफ से एक नोटिस जारी कर कहा गया है कि ये 59 चीनी ऐप्स उन गतिविधियों में लगे हुए थे जो भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा हैं। आईटी मंत्रालय ने सोमवार (29 जून) को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसे विभिन्न स्रोतों से कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कुछ मोबाइल ऐप के दुरुपयोग के बारे में कई रिपोर्ट शामिल हैं। इन रिपोर्ट में कहा गया है कि ये ऐप उपयोगकर्ताओं के डेटा को चुराकर, उन्हें गुपचुक तरीके से भारत के बाहर स्थित सर्वर को भेजते हैं।












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