हरियाणा में कांग्रेस-जेजेपी सरकार तय, अगले सीएम हो सकते हैं दुष्यंत चौटाला!
बेंगलुरू। महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव के परिणामों के रूझानों से तस्वीर साफ होती दिख रही है। महाराष्ट्र में एनडीए सरकार जहां फिर बनने जा रही है, लेकिन ह रियाणा में बीजेपी को क्लीयर जनादेश मिलता नहीं दिख रहा है। रूझानों के मुताबिक 12 बजे तक बीजेपी हरियाणा में महज 36 सीटों पर लीड कर रही है, जो कि 90 विधानसभा सीटों वाले हरियाणा विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 45 सीटों से 7-8 सीट कम है जबकि कांग्रेस को हरियाणा में 32 सीटों पर लीड कर रही है।

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मौजूदा रूझानों को देखते हुए कांग्रेस को भी हरियाणा में सरकार बनाने के लिए 12 सीटों की जरूरत पड़ेगी। कांग्रेस ने जरूरी 12 सीटों का जुगाड़ भी करती दिख रही है और उसने 12 सीटों पर लीड कर रही जेजेपी चीफ दुष्यंत चौटाला को मुख्यमंत्री पद देने का ऐलान करके अपना दांव चल दिया है।

वहीं, बीजेपी ने भी पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को जेजेपी चीफ दुष्यंत चौटाला से बात करने के लिए लगा दिया है, लेकिन लगता नहीं है कि बीजेपी और जेजेपी के बीच गठबंधन की संभावना है, क्योंकि बीजेपी जेपीपी को सीएम पद देने वाली है। बीजेपी लीड पर चल रहे 8 निर्दलीय और 2 आईएनएलडी पर नजर रखे हुए है।

उधर, जेजेपी को हरियाणा में किंगमेकर की भूमिका देखकर जेजेपी चीफ दुष्यंत चौटाला अपने पत्ते खोल दिए हैं। मीडिया के सामने आए दुष्यंत चौटाला ने खुले रूप से कहा है कि जो भी पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री बनाएगी, वो उस पार्टी के साथ गठबंधन करने को तैयार हैं।
कांग्रेस मुख्यमंत्री पद का लालच जेजेपी को पहले ही दे चुकी है इसलिए माना जा रहा है कर्नाटक के बाद कांग्रेस हरियाणा में भी दूसरे नंबर की पार्टी होने के बाद भी जेपीपी के साथ गठबंधन करके सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है। हालांकि अंतिम चुनाव परिणामों में आने में अभी समय लगेगा, लेकिन अगर अंतिम चुनाव परिणाम रूझानों पर ही अटक गए तो कांग्रेस-जेजेपी सरकार हरियाणा में बननी तय है।

कांग्रेस ने कर्नाटक में भी दूसरे नंबर की पार्टी रहते हुए जेडीएस के साथ चुनाव बाद गठबंधन करके सरकार बना ली थी जबकि कर्नाटक में नंबर एक पार्टी होने के बावजूद भी सत्ता से दूर रह गई थी। हालांकि बाद में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को कर्नाटक की सत्ता से हटना पड़ गया था, जहां अभी बीजेपी सत्तासीन है। हरियाणा में कांग्रेस-जेजेपी गठबंधन की आहट के बीच एनडीए सहयोगी शिरोमणि अकाली दल चीफ प्रकाश सिंह बादल को बीजेपी ने बातचीत के लिए लगा दिया है, लेकिन लगता नहीं है कि दुष्यंत चौटाला सीएम कैंडीडेट से नीचे कोई समझौता करने वाले है, जो कि वो पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं।

माना जा रहा है कि बीजेपी जेजेपी को डिप्टी सीएम का पद सौंपने के लिए तैयार हो सकती है, लेकिन सीएम कैंडीडेट जेपीपी को देने के लिए शायद ही तैयार होगी। फिलहाल बीजेपी लीड पर चल रहे 8 निर्दलीय और 2 आईएनएलडी पर नजर बनाए हुए है और मौजूदा रूझान नतीजों में तब्दील हुए तो बीजेपी निर्दलीय और आईएनएलडी के साथ गठबंधन करके हरियाणा में सरकार बनाने की कवायद में जुट सकती है, जो कि टेढ़ी खीर लग रहा है। मौजूदा नतीजों के हिसाब से हरियाणा में जेजेपी-कांग्रेस गठबंधन सरकार की राह आसान दिख रही है।

अभी के रूझानों में कांग्रेस 32 सीटों पर लीड कर रही है जबकि जेजेपी 13 सीटों पर लीड कर रही है। हरियाणा में सरकार बनाने के लिए दोनों दलों को रूझानों में मिल रही सीटें हरियाणा में सरकार बनाने के लिए पर्याप्त हैं। दोनों दलों की सीटें का जोड़ 46 पहुंच रहा है, जो 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत 45 से 1 सीट अधिक है। हालांकि कांग्रेस के लिए भूपेंद्र सिंह हुड्डा खतरे की घंटी साबित हो सकती है, जैसा कांग्रेस को कर्नाटक में झेलना पड़ा है। भूपेंन्दर सिंह हुड्डा विधानसभा चुनाव से पहले रोहतक में रैली करके विद्रोही रूख दिखा चुके हैं।

ऐसी आशंका है कि अगर हरियाणा में जेजेपी-कांग्रेस गठबंधन सरकार वजूद में आती है तो भूपेंद्र सिंह हुड्डा भविष्य में गठबंधन सरकार के लिए खतरा जरूर बनेंगे। बड़ा सवाल यह है कि कांग्रेस सत्ता के लिए हरियाणा में दो बार मुख्यमंत्री रह चुके भूपेंद्र सिंह हुड्डा की शहादत के लिए तैयार हैं? क्योंकि कर्नाटक उदाहरण कांग्रेस के सामने हैं, जहां पार्टी विधायकों के विद्रोह से कांग्रेस-जेडीएस सरकार धाराशाई हो गई।

रूझानों के दौरान कांग्रेस ने जेपीपी को मुख्यमंत्री पद का ऑफर देकर भूपेंद्र हुड्डा को नाराज किया होगा। कांग्रेस 32 सीट जीतती है, तो कांग्रेस डिप्टी सीएम का ऑफर देकर भी जेजेपी को गठबंधन के लिए तैयार कर सकती है, लेकिन लगता है कि कांग्रेस ने जेपीपी को मुख्यमंत्री पद का ऑफर देकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जवाब दिया है। मालूम हो, रोहतक में महारैली करके हुड्डा ने कांग्रेस आलाकमान को अपनी शर्तों के आगे झुकाने में सफलता पाई थी।
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