Suvendu Adhikari: 'गौ पूजा- साष्टांग प्रणाम', ISKCON मंदिर में CM सुवेन्दु का दिखा अलग अंदाज
Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी गुरुवार को नदिया जिले स्थित ISKCON मुख्यालय मायापुर पहुंचे, जहां उन्होंने गौ पूजा की, साष्टांग प्रणाम किया और साधु-संतों से मुलाकात की। इस दौरे को आध्यात्मिक के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है। सुबह लगभग 11:30 बजे, पारंपरिक धोती-कुर्ता पहने अधिकारी गौशाला पहुंचे, जहां उन्होंने 'गौ सेवा' कार्यक्रम के तहत गायों को भोजन कराया।
इसके बाद, उन्होंने यज्ञ में भाग लिया और चंद्रोदय मंदिर में प्रार्थना की। मुख्यमंत्री बनने के बाद सुवेंदु अधिकारी की मायापुर ISKCON धाम की यह पहली यात्रा थी। सीएम के दौरे के मद्देनजर मायापुर में व्यापक सुरक्षा इंतजाम थे। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रमुख प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग की गई और कुछ हिस्सों में आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई गई थी।

ISKCON के एक प्रवक्ता ने कहा कि 'मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला मायापुर दौरा है। उन्होंने 'गोपी-जन गौ सेवा' और यज्ञ अनुष्ठान में भाग लिया। साधुओं के साथ उनका विशेष संवाद सत्र भी आयोजित किया गया।' तो वहीं मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के इस्कॉन दौरे पर भाजपा विधायक श्रुतिशेखर गोस्वामी ने कहा कि "वे यहाँ किसी संगठनात्मक या राजनीतिक उद्देश्य से नहीं आए थे, वे तो इस्कॉन में गौ माता की सेवा करने और संतों से मिलने-जुलने आए थे।'
ISKCON मंदिर से जुड़ी खास बातें
पश्चिम बंगाल के Nadia जिले में स्थित मायापुर को दुनियाभर में ISKCON का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है।यह स्थान भगवान श्रीकृष्ण और चैतन्य महाप्रभु की भक्ति परंपरा से जुड़ा हुआ है। माना जाता है कि चैतन्य महाप्रभु का जन्म इसी क्षेत्र में हुआ था। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु और विदेशी भक्त पहुंचते हैं। मंदिर परिसर बेहद विशाल है और यहां भव्य आरती, कीर्तन, गौशाला और वैदिक शिक्षा केंद्र आकर्षण का केंद्र हैं।
भव्य गौशाला मंदिर का प्रमुख आकर्षण
- विश्वभर से श्रद्धालु - रूस, अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका समेत कई देशों से भक्त यहां आते हैं।
- भव्य गौशाला - यहां सैकड़ों गायों की सेवा की जाती है
- रंगीन उत्सव - गौर पूर्णिमा, जन्माष्टमी और रथ यात्रा के दौरान मायापुर में भव्य आयोजन होते हैं।
- वैदिक संस्कृति का केंद्र - संस्कृत, भगवद गीता और वैदिक जीवनशैली की शिक्षा दी जाती है।
- आध्यात्मिक पर्यटन - गंगा नदी के किनारे स्थित यह जगह शांत वातावरण और आध्यात्मिक अनुभव के लिए प्रसिद्ध है।














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