तवांग झड़प के बाद कांग्रेस ने पूछे पीएम मोदी से 7 सवाल, कहा- जनता जवाब जरूर जानना चाहती है
अरुणाचल प्रदेश में 9 दिसंबर को हुई भारत-चीनी सेना की झड़प के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 7 सवालों के जवाब मांगें हैं।

Congress 7 Questions to PM Modi over Tawang Clash: अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में 9 दिसंबर को भारत-चीन सैनिकों की झड़प से संबंधित स्पष्टीकरण जारी करने के लिए कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोर दिया है। इसी के साथ पार्टी ने शनिवार को पीएम मोदी के सामने 7 सवाल रखे। यह सवाल ऐसे वक्त में आए हैं, जब एक दिन पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान के जयपुर में कहा था कि चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है जबकि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर चुप है।
अब पार्टी के संचार विभाग के प्रभारी, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्विटर पर तवांग झड़प के बाद पीएम मोदी से पूछे गए 7 सवालों को साझा किया है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि इन 7 प्रश्नों पर मन की बात करना प्रधानमंत्री का राजनीतिक कर्तव्य और नैतिक दायित्व है। देश जानना चाहता है।
उन्होंने कांग्रेस पार्टी के सवालों के साथ लिखा-"पिछले 100 दिनों से भारत के लोगों की पीड़ा, आशा और आकांक्षाओं को सुनते हुए एक दिन में 20-25 किलोमीटर पैदल चलने वाले इंसान पर अपने लिए ढोल पीटने वालों से हमले करवाकर कर भटकाने की राजनीति बंद करें। जवाब दो, प्रधानमंत्री। "
कांग्रेस पार्टी ने पीएम मोदी से मांगे इन 7 सवालों के जवाब
- 20 जून, 2020 को आपने ऐसा क्यों कहा कि पूर्वी लद्दाख के भारतीय क्षेत्र में चीन की ओर से कोई घुसपैठ नहीं हुई है?
- आपने चीनियों द्वारा हमारे सैनिकों को पूर्वी लद्दाख में ऐसे हजारों वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में गश्त करने से रोकने की अनुमति क्यों दी, जहां हम मई 2020 से पहले नियमित रूप से गश्त कर रहे थे?
- आपने 7 जुलाई 203 को कैबिनेट द्वारा स्वीकृत माउंटेन स्ट्राइक कोर की स्थापना की योजना को ठंडे बस्ते में क्यों डाल दिया?
- आपने चीनी कंपनियों को पीएम केयर्स फंड में अंशदान की अनुमति क्यों दी?
- आपने पिछले दो वर्षों में चीन से आयात को रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ने क्यों दिया?
- आप इस बात पर जोर क्यों दे रहे हैं कि सीमा की स्थिति और चीन की ओर से हमारे समक्ष आने वाली चुनौतियों पर संसद में बहस न हो?
- आपने शीर्ष चीनी नेतृत्व से अभूतपूर्व रूप से 8 बार मुलाकात की और हाल ही में बाली में शी जिनपिंग से हाथ मिलाया. इसके तुरंत बाद चीन ने तवांग में घुसपैठ शुरू कर दी और उसकी तरफ से सीमा की स्थिति में एकतरफा बदलाव का प्रयास करना जारी है. आप इस मुद्दे पर देश को विश्वास में क्यों नहीं ले रहे?
आपको बता दें कि पूर्वोत्तर राज्य में एलएसी पर हाल ही में भारत-चीन की झड़प के बाद से कांग्रेस बार-बार इस मुद्दे को उठा रही है। कांग्रेस पार्टी के सांसद और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य संसद के दोनों सदनों में इस मामले को उठाने के लिए तैयार हैं, क्योंकि लोकसभा और राज्यसभा सोमवार को फिर से शुरू करेंगे। उन्होंने एलएसी पर मौजूदा स्थिति पर विस्तृत चर्चा की मांग रखी है।












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