'कांग्रेस तीन तलाक़ कानून के नहीं, क्रिमिनलिटी के ख़िलाफ़'
बीबीसी हिंदी के ख़ास कार्यक्रम लीडर भी, निडर भी भाग लेते हुए कांग्रेस की अहम नेता कुमारी सैलजा ने कहा है कि तीन तलाक़ के क़ानून पर कांग्रेस बिलकुल ख़िलाफ़ नहीं है. लेकिन उन्होंने कुछ पेंच की बात ज़रूर मानी है.
भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी पर दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते हुए कुमारी सैलजा से जब ये पूछा गया कि तीन तलाक़ के मुद्दे पर कांग्रेस खुलकर क्यों नहीं सामने आती, तो इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "कोई भी क़ानून जब हम बनाते हैं तो उसे बनाना और लागू करना, अलग अलग बातें हैं और समाज में उसे स्वीकार करना दूसरा पहलू है."
उन्होंने ये भी कहा, "तीन तलाक़ पर बहुत सारी भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं. तीन तलाक़ क़ानून के ख़िलाफ़ कांग्रेस नहीं है, बिलकुल नहीं है लेकिन इसमें कुछ पेंच है कि अगर आप एक पुरुष को सीधा अंदर कर देंगे, आपराधिक मुक़दमा चलाएंगे तो पीड़ित परिवार का भरन पोषण कैसे होगा. हम इसे आपराधिक दायरे में लाने के ख़िलाफ़ हैं."
ये पूछे जाने पर कि राहुल गांधी ने कहा कि इस क़ानून पर यू टर्न ले लेंगे. इस पर कुमारी सैलजा ने कहा, "राहुल जी ने ऐसा बिलकुल नहीं कहा है. कांग्रेस की राय एकदम साफ़ है, कांग्रेस इस क़ानून के ख़िलाफ़ नहीं, क्रिमिनलिटी के ख़िलाफ़ है."
दरअसल गुरुवार को राहुल गांधी ने अल्पसंख्यकों के सम्मेलन को संबोधित किया था. उनके संबोधन के बाद मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि राहुल गांधी ने कहा कि सरकार बनी तो तीन क़ानून ख़त्म करेंगे.
हालांकि राहुल गांधी ने अपने संबोधन में तीन तलाक़ पर कुछ भी नहीं कहा था. लेकिन उन्के महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता सिंह देव ने तीन तलाक़ क़ानून मोदी सरकार की चाल है और मुस्लिम पुरुषों को जेल में डालने के लिए है.












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