Gujarat Election 2017: हार्दिक का हाथ कांग्रेस के साथ, जानिए क्यों हुई ये डील?
अहमदाबाद। आखिरकार वो ही हुआ जिसकी अटकटें लंबे वक्त से लगाई जा रही थीं, पाटिदार और कांग्रेस अब बीजेपी को रोकने के लिए गुजरात में साथ आ गए हैं। बुधवार को पाटिदार नेता हार्दिक पटेल ने प्रेसवार्ता करके अपने इस फैसले से जनता और मीडिया को रूबरू कराया। हार्दिक ने इस दौरान अपनी और और कांग्रेस के साथ आने की वजह भी गिनाई और जमकर भाजपा को घेरा और कहा कि बीजेपी उन्हें बदनाम कर रही है, विधायकों को खरीद रही है और उसकी नीयत में खोट है। पटेल ने कहा कि पाटीदार समाज और गुजरात हित के लिए हमारी मांग है और जो इसका साथ देगा, हम उसके साथ हैं। हमारे समाज की मांग पर कांग्रेस राजी है, उसने कहा है कि वो सत्ता में आते ही पाटीदार आरक्षण के लिए विधानसभा में बिल लाएगी। कांग्रेस हमारे आरक्षण की मांग को संवैधानिक तौर पर देने के लिए हमें भरोसा दिया है, उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में 50 फीसदी के ज्यादा आरक्षण हैं, ऐसे में कांग्रेस उसी तर्ज पर हमें आरक्षण देने की बात कही है इसलिए हमें कांग्रेस का फॉर्मूला मंजूर है।

ये हैं वो मुख्यबिंदु जिनकी वजह से हार्दिक और कांग्रेस साथ आए हैं...
- आरक्षण के लिए कांग्रेस सर्वे कराएगी।
- कांग्रेस सत्ता में आई तो पाटीदारों के आरक्षण के लिए प्रस्ताव पास कराएगी।
- हार्दिक ने कहा कि भाजपा ने हमारे खिलाफ 200 करोड़ रुपए खर्च किए।
- हमारे साथियों को 50 लाख रुपए तक का लालच दिया गया है।
-

- हार्दिक ने कहा कि मैं जनता का एजेंट हूं। बार-बार कहता हूं कि मैं ढाई साल तक कोई पार्टी ज्वाइन नहीं करूंगा।
- मेरी बीजेपी के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।
- कांग्रेस को हमारा खुला समर्थन नहीं है, लेकिन बीजेपी के खिलाफ लड़ेंगे।
- लेकिन कुल मिलाकर कांग्रेस के साथ हैं।
-

- मैंने कांग्रेस से एक भी टिकट नहीं मांगा।
- किसी भी पार्टी के बैनर तले प्रचार नहीं करूंगा।
- मेरी लड़ाई पाटीदारों के आरक्षण के लिए है।
- हमारे जिस एक साथी को कांग्रेस से टिकट मिला है, उसका विरोध नहीं होगा।
-

- हम भी चाहते हैं कि एक अच्छा और ईमानदार आदमी जनता का प्रतिनिधित्व करे।
- सूरत में हमने, हार्दिक पटेल ने विरोध नहीं किया था, लोगों ने विरोध किया था।












Click it and Unblock the Notifications