EVM के बाद EC के खिलाफ हुई कांग्रेस, वोटर लिस्ट में हेराफेरी का आरोप लगाया, जवाब में क्या बोला चुनाव आयोग?
Congress election fraud claims: भारत में चुनावी पारदर्शिता को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर चुनाव आयोग (EC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के दौरान चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की है।
कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग ने सिरफ पांच महीनों में 40 लाख नए मतदाताओं को पंजीकृत किया, जबकि 2019 से 2024 तक पूरे पांच साल में केवल 32 लाख नए मतदाता पंजीकृत हुए थे। कांग्रेस ने इसे चुनावी धांधली बताते हुए चुनाव आयोग पर बीजेपी को मदद पहुंचाने का आरोप लगाया है।

Congress on ECI: कांग्रेस की EAGLE ने किया दावा
यह आरोप कांग्रेस की ओर से ऐसे ही मामलों को देखने के लिए बनाई गई एक खास समिति (Empowered Action Group of Leaders and Experts-EAGLE) की बैठक के बाद सामने आया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी लोकसभा में यह मुद्दा उठाया था और आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र में हिमाचल प्रदेश की कुल मतदान संख्या के बराबर नए मतदाता जोड़े गए।
Congress election fraud claims: चुनाव आयोग ने आरोपों को किया खारिज
न्यूज18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग (ECI) ने कांग्रेस के इन आरोपों को आधारहीन बताते हुए खारिज कर कहा है कि महाराष्ट्र चुनावों में सिर्फ एक नए मतदाता पंजीकरण को लेकर आपत्ति दर्ज की गई थी। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि कोई भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या कार्यकर्ता फॉर्म 7 भरकर किसी नाम को हटाने की आपत्ति दर्ज करा सकता है।
इसके अलावा, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र के सभी विधानसभा क्षेत्रों की वोटर सूची और मतदान केंद्र के आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। उनके मुताबिक किसी भी विशेष दावे या आपत्ति को सबसे पहले संबंधित बीएलओ, एईआरओ और ईआरओ के समक्ष लाया जाना चाहिए।
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने यहां तक कहा कि दिल्ली में जहां फर्जी मतदाताओं और मतदाता सूची में हेराफेरी के मामले को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी दोनों ने ही मोर्चा संभाला हुआ था, फॉर्म 7 पर कोई आपत्ति नहीं आई।
Congress vs EC voter list fraud: मतदाता पहचान संख्या के विवाद पर चुनाव आयोग का जवाब
कांग्रेस के ईगल (EAGLE) ने यह भी आरोप लगाया कि कई मतदाता एक ही वोटर आईडी नंबर के तहत दर्ज पाए गए, जो चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। इस पर चुनाव आयोग पहले ही सफाई देते हुए कह चुका है कि EPIC (Electors Photo Identity Card) नंबरों में समानता का मतलब फर्जी मतदाता नहीं है।
चुनाव आयोग ने यह भी कहा था कि ERONET 2.0 प्लेटफॉर्म को अपडेट किया जाएगा, ताकि किसी भी डुप्लिकेट EPIC नंबर को ठीक किया जा सके। हालांकि, कांग्रेस इस सफाई से संतुष्ट नहीं हुई और उसने कानूनी, राजनीतिक और विधायी उपाय अपनाने की बात कही।
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