दिल्ली में फिर BJP की सरकार: कांग्रेस राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने क्यों जताई चुनाव आयोग पर जताई नाराजगी,जानिए
दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणामों ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को सत्ता की कुर्सी पर बैठा दिया है। कांग्रेस पार्टी की स्थिति यहां भी कमजोर बनी हुई है।
हालांकि, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने दिल्ली चुनाव परिणाम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि दिल्ली अब बीजेपी की हो गई है, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजों पर अंतिम टिप्पणी देने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।

विवेक तंखा का बयान: त्रिकोणीय मुकाबला और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
विवेक तंखा ने जबलपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान दिल्ली चुनाव के बारे में कहा, "दिल्ली में त्रिकोणीय मुकाबला था, और किसका कितना वोट शेयर रहा है, यह अंतिम परिणाम के बाद ही स्पष्ट होगा।" उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दिल्ली की जनता ही यह तय करती है कि किसे चुनना है और किसे नहीं।
इसके अलावा, तंखा ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग ने केवल मतदान प्रतिशत जारी किया, लेकिन विस्तृत आंकड़े नहीं दिए। इससे राजनीतिक दलों में नाराजगी पैदा हुई है। अब देखना होगा कि आगे क्या होता है।" उनका यह बयान आयोग की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है, खासकर जब चुनाव परिणामों के लिए विस्तृत आंकड़े आवश्यक माने जाते हैं।
इन्वेस्टर मीट पर तंखा का तंज
विवेक तंखा ने इन्वेस्टर मीट पर भी तंज कसा और कहा कि यह एक "शो" से ज्यादा कुछ नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि इन्वेस्टर मीट की घटनाओं को केवल दिखावे तक सीमित रखा गया था, और इसके द्वारा दी गई घोषणाओं से जमीन पर कोई खास बदलाव नहीं हुआ।
छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव: कांग्रेस की स्थिति मजबूत
विवेक तंखा ने छत्तीसगढ़ में होने वाले निकाय चुनाव पर भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की स्थिति मजबूत है। उन्होंने बताया, "2018 में जब स्थानीय निकाय चुनाव हुए थे, तब हाईकोर्ट ने उन पर रोक लगा दी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टी.एस. सिंहदेव ने दिल्ली आकर मुझसे मुलाकात की थी, और इसके बाद हमने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के स्टे को खारिज किया, जिसके बाद चुनाव हुए और कांग्रेस ने प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज की। अब ऐसा लग रहा है कि छत्तीसगढ़ में फिर से वही इतिहास दोहराया जा सकता है।"
विवेक तंखा का इन्वेस्टर मीट पर तंज: सरकार पर सवाल उठाए, गंभीर प्रयास की अपील
राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने मध्य प्रदेश सरकार की इन्वेस्टर मीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कड़ा रुख अपनाया और इस पर कई सवाल उठाए। उनका कहना था कि सरकार को इन्वेस्टर मीट का आयोजन केवल एक इवेंट के रूप में नहीं करना चाहिए, बल्कि इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है ताकि राज्य में वास्तविक निवेश हो सके।
इन्वेस्टर मीट को लेकर तंखा की प्रतिक्रिया
विवेक तंखा ने साफ कहा, "मैं इन्वेस्टर मीट का विरोधी नहीं हूं, बल्कि मैं चाहता हूं कि मध्यप्रदेश का विकास हो। लेकिन जो भी काम करें, उसे गंभीरता से करें, न कि इसे केवल एक इवेंट बनाकर छोड़ दिया जाए।" उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर मीट के दौरान सिर्फ शोबाजी, भाषण और प्रस्तुतियां होती हैं, जो किसी भी तरह से राज्य के विकास को बढ़ावा नहीं देतीं।
महाकौशल इन्वेस्टर मीट पर सवाल
सुझाव: गंभीर प्रयास की जरूरत
विवेक तंखा ने सरकार से कुछ सुझाव भी दिए, ताकि इन्वेस्टर मीट का वास्तविक लाभ राज्य को मिल सके। उन्होंने कहा, "सरकार को इन्वेस्टर मीट को केवल प्रचार का जरिया बनाने के बजाय इसे एक गंभीर प्रयास के रूप में लागू करना चाहिए।" उनका कहना था कि सरकार को इन्वेस्टर्स को बुलाकर उनके साथ व्यक्तिगत चर्चा करनी चाहिए, साथ ही सिंगल विंडो सिस्टम बनाने का भी सुझाव दिया, जिससे निवेश प्रक्रिया सरल और प्रभावी हो सके।
उन्होंने यह भी कहा, "केवल इवेंट आयोजित करने से विकास नहीं होगा। अगर आप पिछले 20 साल का रिकॉर्ड उठाकर देखेंगे तो आपको इसका जवाब मिल जाएगा।"












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