देश के सर्वोच्च पद्म पुरस्कार से जुड़ी वेबसाइट की हालत खस्ता, जानकारी के लिए करना पड़ा इंतजार
देश के सर्वोच्च पद्म पुरस्कार से जुड़ी वेबसाइट की हालत खस्ता है। ये वेबसाइट उनके लिए तो बिल्कुल नहीं है जिन्हें अंग्रेजी नहीं आती।
नई दिल्ली। एक ओर तो केंद्र की मोदी सरकार पूरे देश को डिजिटल इंडिया और कैशलेस हो जाने की सलाह दे रही है वहीं दूसरी ओर उसके सबसे महत्वपूर्ण गृह मंत्रालय के अंतर्गत प्रदान किए जाने वाले पुरस्कार से संबंधित वेबसाइट की हालत खस्ता है। बता दें कि 25 जनवरी को सरकार की ओर से वो नाम जारी किए गए जिन्हें गणतंत्र दिवस के दिन शाम को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की ओर से पद्म पुरस्कार ग्रहण करना था। जब इन नामों की घोषणा की हुई तो तुरंत पद्म अवार्ड की वेबसाइट पर गए लेकिन वहां कोई जानकारी उपलब्ध ही नहीं थी।

नामों के घोषित हो जाने के करीब 1 घंटे बाद भी वेबसाइट ज्यों की त्यों मुर्दा पड़ी रही। वेबसाइट के होम पेज पर 2017 में पुरस्कार ग्रहण करने वाले लोगों की सूची के लिए सेक्शन तो है लेकिन उस पर क्लिक करने से कोई फायदा नहीं क्योंकि उस पर क्लिक करने के बाद भी कोई पॉप अप ओपन नहीं होता। करीब 1 घंटे के बाद पुरस्कार ग्रहण करने वालों की जानकारी इस वेबसाइट के जरिए मिल सकी। वहीं दूसरी सन् 1954 से लेकर अब तक के सभी लोगों की सूची अगर आपको देखनी हो तो भी खासी मशक्कत करनी पड़ती है।

वेबसाइट लोड होने में ही इतना टाइम लेती है, जितनी देर में आप विकीपीडिया से बेहतर जानकारी पा सकते हैं। इतना ही अगर आपको इंग्लिश बिल्कुल नहीं आती, तो यह वेबसाइट आपके किसी काम की नहीं है। यूं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिन्दी और अन्य भाषाओं के हिमायती हैं लेकिन इस वेबसाइट पर हिन्दी या किसी अन्य भाषा में जाने का ऑप्शन है ही नहीं। ये भी पढ़ें: भारतीय गणतंत्र के सम्मान में तिरंगे के रंग में रंगेगा बुर्ज खलीफा भी












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