'ओमीक्रोन' ने बढ़ाई टेंशन, सरकार 2 हफ्तों में करेगी वैक्सीन के बूस्टर डोज पर फैसला
नई दिल्ली, 29 नवंबर: कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन के खतरे को देखते हुए एक्सपर्ट लगातार सरकार को चेतावनी दे रहे हैं। नए वेरिएंट ओमिक्रोन के चलते बढ़ी चिंताओं के बीच केंद्र सरकार जल्द ही कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज के लिए जल्द पॉलिसी लाने वाली है। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय टास्क फोर्स के अध्यक्ष डॉ एनके अरोड़ा ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोविड वैक्सीन के बूस्टर डोज के अलावा एडिशनल खुराक पर एक व्यापक नीति की घोषणा दो सप्ताह में की जाएगी।

टास्क फोर्स के अध्यक्ष डॉ एनके अरोड़ा ने कहा, 'नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन (एनटीएजीआई) अगले दो हफ्तों में बूस्टर और अतिरिक्त खुराक पर एक व्यापक नीति लेकर आ रहा है। नीति के जरिए ये तय किया जाएगा कि किसे, कब और कैसे टीके की जरूरत होगी। इसे इस संदर्भ में देखने की जरूरत है कि एक नया वेरिएंट आ रहा है और समय के साथ ही हमें इसके बारे में और जानकारी मिलेगी। इसलिए वर्तमान टीकों की प्रासंगिकता और प्रभावशीलता भी समय के साथ ही स्पष्ट हो जाएगी।'
टास्क फोर्स के अध्यक्ष डॉ एनके अरोड़ा ने बताया कि 'बूस्टर खुराक और एडिशनल खुराक के बीच एक अंतर है। एक बूस्टर खुराक दो प्राथमिक खुराक के बाद एक पूर्वनिर्धारित अवधि में दी जाती है। जबकि एक एडिशनल खुराक केवल उन लोगों को दी जाती है, जिन्हें प्राथमिक खुराक के बाद भी उनके इम्युन फंक्शन में समस्या होती है। यदि किसी व्यक्ति की इम्युन फंक्शन ठीक से नहीं बनता है तो आप उसे अतिरिक्त खुराक दें। इसलिए ये दो अलग-अलग चीजें हैं।'
बच्चों के टीकाकरण के मुद्दे पर अरोड़ा ने कहा, ' बच्चे हमारी सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति हैं और हमने 18 साल से कम उम्र के अपने 44 करोड़ बच्चों के टीकाकरण के लिए एक व्यापक योजना विकसित की है। एक प्राथमिकता प्रक्रिया भी बनाई जा रही है, ताकि 'को-मोरबिटीज' वाले बच्चों को प्राथमिकता दी जा सके और सही समय पर स्वस्थ बच्चों का टीकाकरण किया जा सके। उन्होंने कहा, 'जल्द ही इस योजना को सार्वजनिक किया जाएगा। बच्चों के लिए ZyCoV-D, Covaxin, Corbevax और अन्य वैक्सीन उपलब्ध हैं और मैं फिर से कहूंगा कि बच्चों के लिए भी वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होगी।
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एम्स दिल्ली के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने शनिवार को कहा कि आने वाले दिनों में बूस्टर शॉट्स लगाने की आवश्यकता होगी और विभिन्न आयु समूहों पर इसकी प्रभावशीलता का पता लगाने के लिए तत्काल अध्ययन शुरू किया जाना चाहिए। कोविड -19 टास्क फोर्स, एम्स दिल्ली के अध्यक्ष, डॉ नवनीत विग ने भी इज़राइल को एक केस स्टडी के रूप में दिया और कहा कि बूस्टर खुराक में उल्लेखनीय वृद्धि के बाद अध्ययनों ने टीके की प्रभावशीलता को दिखाया है - 40 प्रतिशत से 93 प्रतिशत तक।












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