पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेई के कमेंट्स जो साबित करते हैं उनका सेंस ऑफ ह्यूमर
नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई का आज 90वां जन्मदिन है। जहां देशभर में लोग उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ उन्हें बर्थडे विश कर रहे हैं तो वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर बीजेपी के कई नेताओं ने भी उन्हें बर्थडे विश किया है।
कुछ नेता उन्हें जन्मदिन की बधाई देने के लिए उनके घर भी पहुंचे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेई शायद आज की राजनीति में पहले ऐसे नेता हैं जिनका सम्मान उनके पार्टी के नेता तो करते ही हैं साथ ही विपक्ष और बीजेपी के धुर विरोधी भी उन्हें मानते हैं।
राजनीति के पारखी मानते हैं कि वाजपेई ने देश की राजनीति का एक नई दिशा दी और राजनीति में एक नया अध्याय लिखा।
पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेई कुशल राजनेता के होने के साथ ही साथ एक कवि भी रहे हैं, यह बात तो सबको पता है, लेकिन उनका सेंस ऑफ ह्यूमर भी काफी कमाल का रहा। अक्सर सदन की कार्यवाही के दौरान इस बात का प्रमाण भी मिला।
आज उनके जन्मदिन पर हम उनके 10 ऐसे कमेंट्स लेकर आए हैं जिनसे आपको उनके मजाकिया स्वभाव की एक झलक तो मिलेगी ही साथ ही साथ यह भी पता लगेगा कि मौके की नजाकत समझकर राजनीतिक टिप्पणियां कैसे करनी चाहिए।

बेनजीर भुट्टो पर था सवाल
रिपोर्टर-'आज रात आप बेनजीर भुट्टो को क्या संदेश देना चाहेंगे?'
वाजपेई-'अगर मैं कल सुबह बेनजीर को कोई संदेश दूं तो क्या कोई नुकसान है?'

आज तक याद होगा पासवान को
पासवान-'बीजेपी बहुत राम की बातें करती है, पर उनमें कोई राम नहीं है। मेरा तो नाम ही राम है।'
वाजेपई-'पासवान जी, हराम में भी राम होता है।'

पार्टी को लेकर विपक्ष ने साधा निशाना
विपक्ष-'वाजपेई तो बहुत अच्छे हैं पर पार्टी ठीक नहीं।'
वाजपेई-'तो अच्छे वाजपेई का आप क्या करने का इरादा रखते हैं।'

वाजपेई ने दी नसीहत
पाकिस्तान के साथ संबंधों पर, 'आप मित्र बदल सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं।'

पाक को जोर का झटका
'पड़ोसी कहते हैं कि एक हाथ से ताली नहीं बजती, हमने कहा कि चुटकी तो बज सकती है।'

आडवाणी के साथ संबंधों पर बोले
रजत शर्मा-'बीजेपी में एक वाजपेई का दल है, एक आडवाणी का दल है।'
वाजपेई-'मैं कोई दलदल में नहीं हूं। मैं औरों के दलदल में अपना कमल खिलाता हूं।'

पीएम का मुंह बंद
पाक पीएम-'कश्मीर के बिना पाकिस्तान अधूरा है।'
वाजपेई-'पाकिस्तान के बिना भारत अधूरा है।'

बिहार के साथ जोड़ा नाता
रैली में बोले-'मैं अटल हूं और मैं बिहारी भी हूं।'

झलका मजाकिया स्वभाव
'अब भजन-कीतर्न करने के लिए बैठना पड़ेगा और नुकीले पत्थर पर कोई बैठ नहीं सकता, जमीन को समतल करना पड़ेगा।'












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