केंद्र-केजरी भिड़े, जंगलराज में तब्दील होती दिल्ली
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) आप राजधानी के ईस्ट दिल्ली इलाके में जरा घूम लें तो आपको समझ आ जाएगा कि फिलहाल इधर कोई सरकार काम नहीं कर रही। हर जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कुछ यही हाल दिल्ली सरकार का लगता है। दिल्ली सरकार और केन्द्र सरकार में लगातार पंगा चल रहा है।
आरोपों का दौर
कौन हैं कानून तोड़ने वाला दिल्ली का गिरफ्तार कानून मंत्री तोमर?
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप राज्यपाल नजीब जंग एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। मंगलवार को दिल्ली सरकार के कानून मंत्री जितेन्द्र सिंह तोमर की गिरफ्तारी से बहुत साफ है कि दिल्ली में विकास के काम सब थमने वाले हैं। दिल्ली बर्बादी की तरफ बढ़ेगी। दिल्ली सरकार केन्द्र से और अधिकारों के लिए मांग कर रही है। केन्द्र सरकार उन अधिकारों को देने के लिए तैयार नहीं है।
एक के बाद एक विवाद
जब से केजरीवाल ने पदभार संभाला है, वे तब से विवादों में हैं। उनके साथी फर्जी डिग्रियों के केस में फंसे हैं, उन पर आरोप था कि जब किसान गजेन्द्र खुदकुशी कर रहे थे, तब वे चुपचाप सब कुछ देख रहे थे। उनके विधायकों के ऊपर तमाम आरोप लग रहे हैं। वे सरकारी अफसरों को पीट रहे हैं।
भूले सीमाएं
अफसोस इस बात का है कि केजरीवाल सरकार को चलाते वक्त अपनी सीमाओं को भूल रहे हैं। उन्हें जो संविधान ने अधिकार नहीं दिए उनकी वे मांग कर रहे हैं।
अराजकता के हालात
केजरीवाल ने सीनियर आईएएस अफसर शकुंतला गैमलिन पर करप्शन पर आरोप लगाए। वे उन्हें दिल्ली का कुछ दिनों के लिए भी कार्यकारी मुख्य सचिव पद पर देखना नहीं चाहते थे। दिल्ली की पूर्व मंत्री किरण वालिया ने कहा कि बड़े अफसोस की बात है कि दिल्ली में अराजकता वाले हालात पैदा हो गए हैं।













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