कोचीन शिपयार्ड को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस ने शुरू की जांच
नई दिल्ली, 6 सितंबर: केरल के कोचीन शिपयार्ड में एक अज्ञात ईमेल भेजते हुए धमाका करने की धमकी दी गई है। सोमवार को इस धमकीभरे गुमनाम ईमेल के मिलने के बाद कोच्चि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा शिपयार्ड की सुरक्षा को लेकर भी ज्यादा एहतियात बरती जा रही है। इस ईमेल में भारतीय नौसेना के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। जिसमें कोचीन शिपयार्ड में तैनात भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत का भी नाम है।

धमकीभरा ईमेल मिलने के बाद कोच्चि पुलिस ने इस मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच चल रही है। साइबर डिपार्टमेंट ईमेल की जांच कर रहा है। पुलिस ने अभी मामले पर ज्यादा कुछ नहीं कहा है। बताया गया है कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। ये भी देखा जा रहा है कि ये किसी सिरफिरे की करतूत तो नहीं है। हालांकि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिपयार्ड की सुरक्षा को अलर्ट पर रखा है।
क्यों अहम है कोचीन शिपयार्ड
केरल के कोचीन शहर में स्थित कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड देश का सबसे बड़ा शिपयार्ड है। शिपिंग क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 1972 में भारत सरकार ने इसकी स्थापना की थी। यहां जहाज मरम्मत का काम 1983 में शुरू हुआ था। कोचीन शिपयार्ड 1,10,000 डीडब्ल्यूटी तक जहाज बना सकता है और 1,25,000 डीडब्ल्यूटी तक मरम्मत कर सकता है। यहां तेल खोज उद्योग के जहाजों को प्रोन्नत बनाना, नौसेना, भारतीय नौवहन निगम, केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप, तटरक्षक और पोर्ट ट्रस्ट के जहाजों की मरम्मत और नवीनीकरण का काम होता है। इस शिपयार्ड ने बहमास के लिए बल्क कैरियर, सऊदी अरब के लिए अग्निशामक टग तथा नार्वे की डीप सी सप्लाईज के लिए प्लेटफार्म सप्लाई पोत भी तैयार किए हैं।












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