• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

प्रेम संबंधों से नाराज जिला जज ने बेटी को बनाया बंधक, हाईकोर्ट ने कहा- सबको अपनी तरह से जीने का हक

By Rizwan
|

पटना। बिहार में एक जिला जज के बेटी को घर में बंधक बनाने पर पटना हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए लड़की को पुलिस सुरक्षा में गेस्ट हाउस भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि किसको कैसे जीना है, ये फैसला उसी को करने दिया जाए। लॉ ग्रेजुएट लड़की को उसके माता-पिता ने इसलिए घर में कैद कर लिया था क्योंकि वो एक वकील के साथ प्रेम संबंधों में है।

CNLU graduate stands by her choice Patna High Court cites Hadiya case to set her free

प्रेमी वकील ने लड़की को रिहा कराने की कई कोशिशें की लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली। वहीं पटना हाईकोर्ट ने खुद ही मीडिया की खबरों पर संज्ञान लेकर मामले में जिला जज को कड़ी फटकार लगाई। चीफ जस्टिस राजेंद्र मोहन और जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद ने 22 जून को बार एंड बेंच में इस स्टोरी को देखने के बाद स्वत: संज्ञान लेकर 25 जून को जिला जज को तलब कर लिया था। कोर्ट ने लड़की को उसके घर की जगह पुलिस प्रोटेक्शन में चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस में भेजा।

ये मामला बिहार के खगड़िया जिले का है। दिल्ली के एक वकील से प्रेम संबंधों पर जिला जज ने बेटी को घर में बंधक बनान लिया। हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 24 साल की यशस्विनी को घर से छुड़ाकर कोर्ट चैंबर में पेश किया।

अदालत में सुनवाई के दौरान लॉ ग्रेजुएट युवती ने कहा कि वह कोर्ट में ही शादी करने को तैयार है। इस पर हाईकोर्ट ने उन्हें लॉ यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस में रखने और पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया।

VIDEO: बारिश के बाद दिल्ली सचिवालय में भरा पानी, फाइलें उठाकर दौड़ते दिखे कर्मचारी

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

lok-sabha-home

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
CNLU graduate stands by her choice Patna High Court cites Hadiya case to set her free
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more