UP Loudspeakers : एक लाख से अधिक लाउडस्पीकर उतारे गए, CM योगी का फरमान- दोबारा न लगें भोंपू
उत्तर प्रदेश की धार्मिक जगहों पर लाउडस्पीकर हटाने के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को अहम निर्देश दिए हैं। लाउडस्पीकर एक लाख जगहों से अधिक स्थानों से हटाए जा चुके हैं।
झांसी, 08 मई : उत्तर प्रदेश की धार्मिक स्थलों से 1 लाख से ज्यादा लाउडस्पीकर हटाए जा चुके हैं। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्ती दिखाते हुए अधिकारियों को फरमान दिया है कि लाउडस्पीकर दोबारा इंस्टॉल न हों, यह सुनिश्चित किया जाए। बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले महीने धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकरों को हटाने या धार्मिक जगहों पर लगे लाउडस्पीकरों की संख्या और ध्वनि कोर्ट द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर रखने संबंधी राज्यव्यापी अभियान शुरू किया था।

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लाउडस्पीकर पर कार्रवाई के बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि धार्मिक स्थलों से हटाए गए लाउडस्पीकर दोबारा नहीं लगाए जाएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को यूपी के झांसी में अधिकारियों से कहा, धार्मिक स्थलों से हटाए गए लाउडस्पीकर दोबारा नहीं लगने चाहिए। झांसी में विकास और कानून व्यवस्था की प्रगति की समीक्षा बैठक के दौरान लाउडस्पीकर का मुद्दा उठने पर मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया।
बिना भेदभाव, कानून के आधार पर कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने लाउडस्पीकर मामले में आश्वासन दिया था कि उच्च न्यायालय के आदेश के तहत सभी धार्मिक स्थलों से बिना किसी भेदभाव के अनाधिकृत लाउडस्पीकरों को हटाया जाएगा। गौरतलब है कि साल 2017 के आदेश के आलोक में उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने को कहा कि धार्मिक स्थलों पर इंस्टॉल किए गए लाउडस्पीकरों से साउंड पॉल्यूशन न हो। हाईकोर्ट ने कहा, यह सुनिश्चित किया जाए कि ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के संदर्भ में अधिकारियों से लिखित अनुमति ली गई हो।
सीएम योगी का निर्देश- जनता न हो परेशान
लाउडस्पीकर के खिलाफ अभियान से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति है, क्योंकि वॉल्यूम परिसर से बाहर नहीं आता है। मुख्यमंत्री ने कहा, माइक्रोफोन का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आवाज किसी भी परिसर से बाहर न निकले। जनता को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।
परमिटेड लिमिट के अंदर रहे आवाज
यूपी में लाउडस्पीकर के खिलाफ राज्यव्यापी ड्राइव के दौरान धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकरों को हटाने या उनकी मात्रा को अनुमेय सीमा के भीतर रखने का फरमान सुनाया था। अभियान के दौरान धार्मिक स्थलों से लगभग 54,000 गैरकानूनी लाउडस्पीकरों को हटा दिया गया था। 60,000 लाउडस्पीकरों की ध्वनि अनुमेय सीमा के भीतर की गई। यूपी में लाउडस्पीकर के खिलाफ अभियान विगत 25 अप्रैल से शुरू हुआ था।
महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर का मुद्दा, ठाकरे आक्रामक
दिलचस्प है कि यूपी के अलावा महाराष्ट्र में भी लाउडस्पीकर को लेकर सियासी बयानबाजी देखी जा चुकी है। पिछले हफ्ते, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने लाउडस्पीकर के खिलाफ एक्शन के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ की सराहना की थी। राज ठाकरे ने एक ट्वीट में लिखा था, धार्मिक स्थलों, खासकर मस्जिदों (मस्जिदों) से लाउडस्पीकर हटाने के लिए वे योगी सरकार को तहे दिल से बधाई देते हैं। राज ठाकरे ने कहा था कि लाउडस्पीकर का मुद्दा केवल मस्जिदों से जुड़ा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा था कि मंदिरों में भी अवैध लाउडस्पीकर लगे हैं। यह कोई धार्मिक नहीं सामाजिक मुद्दा है। ठाकरे ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए कहा कि मस्जिदों से लाउडस्पीकर न हटने पर वे अजान से समय हनुमान चालीसा बजाएंगे।












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