'सुरक्षा पर करें फोकस', पाकिस्तानी मीडिया में छाया सिद्धारमैया का बयान, आलोचना के बाद CM का यूटर्न!

CM Siddaramaiah: 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बयान ने देशभर में राजनीतिक हलचल मचा दी है। सिद्धारमैया ने कहा कि पाकिस्तान के साथ युद्ध की कोई आवश्यकता नहीं है और हमें अपनी सुरक्षा को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।

उनका यह बयान राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है, जहां भाजपा ने उन्हें पाकिस्तान का पक्षधर बताया, वहीं सिद्धारमैया ने इसे अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर जोर देने का तरीका बताया। उनका यह बयान पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में छाया हुआ है।

Siddaramaiah

सिद्धारमैया ने क्या कहा?

सिद्धारमैया ने कहा था, "पाकिस्तान के साथ युद्ध की कोई जरूरत नहीं है. हम इसके पक्ष में नहीं हैं। हमें कड़े कदम उठाने चाहिए। अपनी सुरक्षा को और पुख्ता करना चाहिए।" पहलगाम हमले पर बोलते हुए सिद्धारमैया ने आरोप लगाया, "यह केंद्रीय खुफिया विफलता है।"
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भाजपा ने की तीखी आलोचना

इस बयान को लेकर भाजपा ने सिद्धारमैया पर हमला बोलते हुए कहा कि वह पाकिस्तान की कठपुतली की तरह बयान दे रहे हैं, खासकर तब जब देश संवेदनशील स्थिति का सामना कर रहा है और सीमा पर युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। विपक्ष के नेता आर. अशोक ने सिद्धारमैया को "पाकिस्तान रत्न" कहते हुए उनकी निंदा की और सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर वह पाकिस्तान जाते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा और संभवत: उन्हें पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भी मिल सकता है।

सिद्धारमैया ने दी सफाई

अपने ऊपर हो रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि युद्ध अंतिम उपाय होना चाहिए और यह तब किया जाना चाहिए जब सभी अन्य विकल्प विफल हो जाएं। उन्होंने कहा कि यह समय युद्ध की घोषणा करने का नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार को अपनी सुरक्षा व्यवस्था की चूक को सुधारने और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए एहतियाती कदम उठाने की जरूरत है।

सिद्धारमैया ने एक्स पर रखा अपना पक्ष

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने ट्वीट किया, "मैंने युद्ध के बारे में अपने बयान के पक्ष और विपक्ष में बहस और चर्चा देखी है। युद्ध हमेशा एक राष्ट्र का अंतिम विकल्प होना चाहिए - कभी भी पहला या एकमात्र विकल्प नहीं। केवल तभी जब दुश्मन को हराने के लिए हर दूसरा तरीका विफल हो जाए, किसी देश को युद्ध के लिए मजबूर होना चाहिए। पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा पहलगाम में किए गए भयानक आतंकी हमले ने हमारे देश के लोगों और केंद्र सरकार दोनों को यह स्पष्ट रूप से स्पष्ट कर दिया है कि हमारे खुफिया और सुरक्षा तंत्र में गंभीर खामियां थीं।"

उन्होंने आगे कहा,"अब सरकार की यह गंभीर जिम्मेदारी है कि वह सबसे पहले इन कमियों को ठीक करे और यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी त्रासदियां न दोहराई जाएं... इस महत्वपूर्ण क्षण में, दुनिया भर के देश पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हुए भारत के साथ मजबूती से खड़े हैं। हमें इस अभूतपूर्व वैश्विक समर्थन का लाभ उठाना चाहिए और पाकिस्तान को इतना गहरा सबक सिखाना चाहिए कि वे फिर कभी ऐसी लापरवाह हरकतें करने की हिम्मत न करें।"

भारत को पाकिस्तान को सबक सिखाना चाहिए

सिद्धारमैया ने आगे कहा कि पाकिस्तान एक आर्थिक रूप से दिवालिया और कमजोर देश है, जो आतंकवाद का समर्थन करता है। उन्होंने भारत से यह अपील की कि इस मौके का सही इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया जाए ताकि वह भविष्य में इस तरह की हरकतों से बच सके। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के अधिकांश देश पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद की निंदा कर रहे हैं और भारत को इस समर्थन का लाभ उठाना चाहिए।
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