VIDEO:नंदीग्राम में ममता बनीं 'चायवाली दीदी', स्टॉल पर जाकर लोगों को परोसी चाय
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के चुनाव में अब कुछ ही दिन बचे हैं। टीएमसी और बीजेपी वोटर्स को लुभाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। इस बार बंगाल के चुनाव में सबसे अहम सीट नंदीग्राम मानी जा रही है। जहां पर ममता बनर्जी के सामने कभी उनके परिवाहन मंत्री रहे सुवेंदु अधिकारी चुनाव लड़ रहे हैं। ममता नंदीग्राम में मतदाताओं को लुभाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं।
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बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी भी आज नंदीग्राम में एक अनोखे अंदाज में लोगों के बीच दिखीं। वह कल इसी सीट से बतौर टीएमसी उम्मीदवार नामांकन दाखिल करने वाली हैं। नामांकन दाखिल करने से पहले नंदीग्राम पहुंचीं ममता बनर्जी ने आज एक चाय की दुकान पर लोगों को अपने हाथ से बनी चाय पिलाई। इस दौरान दुकान पर खुद ममता ने भी चाय का आनंद लिया।
ममता को अपने बीच देख लोगों का उत्साह देखते बन रहा था। ममता में करीब दर्जन भर लोगों को अपने हाथों से चाय परोसी। मंगलवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने नंदीग्राम आंदोलन की याद दिलाई। ममता बनर्जी ने कहा कि कोई-कोई बंटवारा करने की कोशिश करेगा। ऐसे लोगों की बात मत सुनिएगा। मैं अपना नाम भूल सकती हूं, लेकिन नंदीग्राम नहीं।
ममता बनर्जी ने कहा कि सिंगूर नहीं होने से नंदीग्राम का आंदोलन नहीं होता। मैं गांव की बेटी हूं। मैंने पहले से ही सोच रखा था कि इस बार नंदीग्राम या सिंगुर से लड़ूंगी। आप लोगों ने मुझे स्वीकार किया है, इसलिए नंदीग्राम आई हूं। अगर आप लोगों को मेरा यहां से चुनाव लड़ना गलत लगता है तो मैं पर्चा नहीं दाखिल करूंगा। आप लोगों की स्वीकृति के बाद ही नामांकन दाखिल करूंगी।
सीएम ममता ने कहा कि जिस तरह 14 मार्च को गोली चली थी वो मुझे सब .याद है, जब नंदीग्राम में आंदोलन हो रहा था तो मेरे घर काली पूजा हो रही थी। मैं नंदीग्राम अकेली अकेली जा रही थी। मुझे रोकने की कोशिश की जा रही थी। राज्यपाल ने मुझे फोन करके कहा था कि रात को आपको नंदीग्राम नहीं जाना चाहिए तमाम अत्याचार के बावजूद मैं पीछे नहीं हटी, मेरे ऊपर गोली भी चलाई गई थी।












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