CM ममता बनर्जी ने 'नबन्ना चलो' आंदोलन में संघर्ष की समीक्षा के बाद उच्च स्तरीय बैठक की
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी की विरोध प्रदर्शन रैलियों के 20 से अधिक वीडियो फुटेज की समीक्षा के बाद सीआईडी मुख्यालय (भवानी भवन) में कानून व्यवस्था की स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए गुरुवार को गृह सचिव, मुख्य सचिव, कोलकाता पुलिस आयुक्त और महानिदेशक पुलिस के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने दावा किया कि जब बीजेपी कार्यकर्ता पुलिस के साथ लड़ाई कर रहे थे, ममता इस तरह की रैलियों से निपटने के लिए राज्य प्रशासन की भविष्य की कार्रवाई की योजना बनाने के लिए रैली के वीडियो का फ्रेम बाय फ्रेम' का मूल्यांकन करने में व्यस्त थीं।

सीएम ममता बनर्जी ने 2021 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए पुलिस प्रशासन को गुरूवार के बंगाल बीजेपी के विरोध मार्च की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश भी दिया है और भविष्य में ऐसी भीड़ को अधिक प्रभावी ढंग निपटने के सुझाव भी दिए। ममता बनर्जी शीर्ष नौकरशाहों से मिलने से पहले वह 'नबन्ना' में अपने कार्यालय भी गईं, जहां बंगाल बीजेपी ने नबन्ना चलो आंदोलन के तहत इकट्ठा हुई थी।

गौरतलब है राज्य में बीजेपी नेताओं की हत्या के खिलाफ गुरूवार से बंगाल बीजेपी ने नबन्ना चलो आंदोलन शुरू किया, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बंगाल पुलिस ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर जमकर लाठीचार्ज किया। साथ ही, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। बीजेपी ने बंगाल पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई और आरोप लगाया है कि पुलिस ने वाटर कैनन में केमिकल मिलाया था, जिससे कई बीजेपी कार्यकर्ताओं की तबियत खराब हो गई।

नबन्ना चलो अभियान में वरिष्ठ नेताओं और पुलिसकर्मियों सहित 100 से अधिक भाजपा कार्यकर्ता घायल होने की सूचना है। राज्य सचिवालय तक आयोजित नबन्ना चलो अभियान एक विरोध रैली के रूप में भाजयुमो द्वारा किया गया था। इस अभियान में जुटे राज्य भर के हजारों भाजपा कार्यकर्ता उन सभी चौराहों पर एकत्रित हुए जो राज्य सचिवालय 'नबन्ना' तक जाते हैं और आगे बढ़ने से रोकने पर पुलिस के साथ टकराव हुआ।












Click it and Unblock the Notifications