शुक्रवार से देश के 70 शहरों में स्कूली बच्चे करेंगे स्ट्राइक
बेंगलुरु। स्वीडन की छात्रा जब ग्रेटा थनबर्ग ने जब अपने स्कूल के बाहर जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध ठोस ऐक्शन के लिये हड़ताल शुरू की, तब लोगों को लगा, कि ये बच्ची भी। पढ़ने-लिखने की उम्र में ये सब क्या करने चली है। आपको बता दें कि #WeWantClimateActionNow नाम की इस स्ट्राइक का हिस्सा अब भारत के स्कूली बच्चे भी बन गये हैं। जी हां 20 सितंबर यानी शुक्रवार से पूरे देश के 70 जिलों में स्कूल बच्चे एक साथ स्ट्राइक शुरू करेंगे और अपनी मांगें सरकार के समक्ष रखेंगे।

ग्लोबल क्लाइमेट स्ट्राइक-इंडिया कैम्पेन के अंतर्गत बीस शहरों में स्कूली बच्चे बैनर-पोस्टर के माध्यम से अपनी राय सरकार के समक्ष रखेंगे। 20 सितंबर से लेकर 27 सितंबर तक यह हड़ताल चलेगी। इसकी शुरुआत नई दिल्ली में निर्माण भवन से होगी, जहां सैंकड़ों की संख्या में बच्चों के एकत्र होने की उम्मीद है। इसके अलावा अलग-अलग दिनों पर द्वारका एक्सप्रेस वे, बैसवां लैंडफिल, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आदि कई स्थानों पर बच्चे प्रदर्शन करेंगे।
इन शहरों में होंगे प्रदर्शन:
1. आगरा 2. अहमदाबाद 3. अलीगढ़ 4. अलमोड़ा 5. अयोध्या 6. आज़मगढ़ 7. बागेश्वर 8. बिधाननगर 9. बिजरा 10. बेंगलुरु 11. बरेली 12. बड़ौदा 13. बस्ती 14. बुलंदशहर 15. कालीकट 16. चामाेली 17. चम्पावत 18. चेन्नई 19. चित्रकूट 20. देहरादून 21. देवीपट्टनम 22. धर्मशाला 23. दुर्गापुर 24. दुरदीह 25. गोवा 26. गोरखपुर 27. गुरुग्राम 28. गुडुर-नेल्लोर 29. गुवाहाटी 30. हरिद्वार 31. हैदराबाद 32. इच्छापुर 33. इंदौर 34. जयपुर 35. जम्मू 36. झांसी 37. कानपुर 38. कोच्ची 39. काल्हापुर 40. कोलकाता 41. लखनऊ 42. लुधियाना 43. मधुबनी 44. मुरादाबाद 45. मेरठ 46. मिर्जापुर 47. मुंबई 48. नैनीताल 49. नारायणपुर 50. नई दिल्ली 51.पालसदिहा 52. परसावन 53. पौड़ी 54. पिथौरागढ़ 55. प्रयगराज 56. पुणे 57. पोंडीचेरी 58. रामगढ़ 59. रोहतक 60. रुद्रप्रयाग 61. सहारनपुर 62. शेखपुरा 63. शिवामोगा 64. टेहरी 65. तिरुनेलवेली 66. उधमसिंह नगर 67. उखरा 68. उत्तरकाशी 69. वाराणसी 70. विशाखापट्टनम।
दिल्ली के लिये रखीं ये मांगें
1. शहर के लिये बनायी जाने वाली सभी नीतियों में पर्यावरण के मुद्दों को शामिल किया जाये।
2.किसी भी परियोजना के लिये अब एक भी पेड़ नहीं काटा जाना चाहिये।
3. इमारतों के निर्माण कार्य के दौरान इनवॉयरनमेंट-फ्रेंडली नीतियों को अपनाया जाये।
4. कॉन्क्रीट की लेयर अब बंद की जानी चाहिये।
5. कार्बन डायऑक्साइड के अत्याधिक उत्सर्जन के स्रोतों की पहचान की जाये। साथ ही सभी मास्टर प्लान का पुन: अवलोकन कर उन्हें इनवॉरनमेंट फ्रेंडली किया जाये।
6. केंद्र से उन सभी परियोजनाओं को फंड रोक दिया जाना चाहिये, जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही हैं।
7. पानी की कमी से निबटने के लिये परियोजनाओं को सबसे अधिक तरजीह दी जानी चाहिये।
8. राज्य को क्लाइमेट चेंज पर ठोस नीति के साथ जनता के समक्ष आना चाहिये।












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