तिरूमाला मंदिर में हुई साफ सफाई, वार्षिक ब्रह्मोत्सव के मद्देनजर विशेष तैयारियां
Tirumala Tample: आंध्र प्रदेश स्थित पवित्र तिरुमाला तिरुपति मंदिर में मंगलवार को साफ सफाई से जुड़ी गतिविधियों को किया गया।मिली जानकारी के मुताबिक, यहां पारंपरिक मंदिर सफाई अनुष्ठान, कोइल अलवर तिरुमंजनम, तिरुमाला मंदिर में बेहद धार्मिक उत्साह के साथ किया जाता है।
मंदिर के बाहर पत्रकारों से जानकारी साझा करते हुए, टीटीडी ईओ जे. श्यामला राव ने बताया कि 4 से 12 अक्टूबर तक निर्धारित वार्षिक ब्रह्मोत्सव के मद्देनजर तिरुमंजनम किया गया है।राव ने कहा कि यह अनोखा तिरुमंजनम वार्षिक ब्रह्मोत्सव को ध्यान में रखकर किया गया, जो 4 से 12 अक्टूबर तक होना है।

सामान्यतः यह तिरुमाला मंदिर में तेलुगु उगादि, अनिवरा अस्थानम, वार्षिक ब्रह्मोत्सव और वैकुंठ एकादशी त्योहारों से पहले एक साल में चार बार मनाया जाता है। अनुष्ठान के एक भाग के तौर में, पूरे मंदिर, देवताओं और पूजा के बर्तनों की सफाई की गई। इसके अलावा मंदिर परिसर की दीवारों, छतों और स्तंभों पर "परिमलम" नामक एक खास सुगंधित मिश्रण लगाया गया।
मंदिर में यह गतिविधि सुबह 6 बजे से 10 बजे तक चलती रहीं। इस दौरान, मुख्य देवत को एक सफेद वस्त्र से ढका गया और सफाई कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद, आवरण हटा दिया गया।
सफाई कार्यक्रमों के पश्चात पीठासीन देवताओं को विशेष पूजा और नैवेद्यम अर्पित किए गए। ईओ ने बताया कि सफाई कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद मंदिर में पीठासीन देवता को विशेष पूजा और नैवेद्यम अर्पित किया गया। इस दौरान भक्तों को दोपहर 12 बजे के बाद दर्शन की अनुमति दी गई।
कोइल अलवर तिरुमंजनम की वजह से टीटीडी ने मंगलवार को अस्तदला पद पद्मराधना, वीआईपी अवकाश कैंसिल कर दिया है। टीटीडी के अतिरिक्त ईओ वेंकैया चौधरी, एचईओ (एच एंड ई) गौतमी, सीवीएसओ श्रीधर, डीईईओ लोकनाथम, पेशकर रामकृष्ण और अन्य अफसर भी मंदिर में मौजूद थे।
ज्ञात हो कि हाल ही में आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में पशु चर्बी की मिलावट करने का आरोप लगाया था। इसके बाद से ही मंदिर का प्रबंधन ने काफी बदलाव लाए हैं। मंदिर में शुद्धिकरण की प्रक्रिया भी की गई थी।
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