मुंबई के 'डैनी' से सीजेआई बनने तक का सफर, क्रिकेट छोड़ 'एक्सीडेंटल लॉयर' बने डीवाई चंद्रचूड़ के निकनेम की कहानी
भारत के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ से जुड़े कई किस्से अक्सर इंटरनेट पर नजर आ जाते हैं। हाल ही में उनके बचपन के दोस्त ने उनके नाम को लेकर एक किस्सा सुनाया है। दरअसल, बचपन में सीजेआई चंद्रचूड़ को उनका पूरा स्कूल डैनी के नाम से जानता था। उनके दोस्त आज भी उन्हें डैनी कहते हैं। लेकिन इस नाम के पीछे भी बड़ी दिलचस्प कहानी है।
सीजेआई के सहयोगियों ने उन्हें एक दूरदर्शी उदारवादी के रूप में "आकार देने" के लिए मुंबई को काफी श्रेय दिया है। 9 नवंबर, 2022 को जब उन्होंने सीजेआई का पद संभाला और एक महीने से भी कम समय में लगभग 6,844 मामले निपटा दिए थे। उनके नाम का किस्सा भी मुंबई से जुड़ा हुआ है। बंबइया भाषा में उन्हें 'जीनियस आदमी' कहा जाता है।
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सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में चंद्रचूड़ के दूरगामी निर्णयों ने उन्हें कानूनी लेजेंड बना दिया। उनकी पढ़ाई मुंबई में हुई है। अशोक जागीरदार स्कूल के दिनों को याद करते हुए कहते हैं,"हम लोग रेड बरहम हाउस का हिस्सा थे और हमारी दोस्ती इतनी पक्की थी कि पूरे स्कूल में हमें 'जय-वीरू' के नाम से पुकारते थे।" मीड डे को दिये एक इंटरव्यू में जहागीरदार ने बताया कि हम दोनों एक ही क्रिकेट टीम का हिस्सा हुआ करते थे।
बहुत कम लोग जानते हैं कि डीवाई चंद्रचूड़ की क्रिकेट में काफी दिलचस्पी है। वह खुद तेज गेंदबाज रहे हैं और कई मौकों पर गर्व के साथ इसका जिक्र करते हैं। अशोक कहते हैं कि आज भी जब मौका मिलता है, वह क्रिकेट शूज पहनकर मैदान में उतर जाते हैं।
क्रिकेट और संगीत से प्रेम करने वाले 64 वर्षीय चंद्रचूड़ एक "एक्सीडेंटल वकील" हैं, जो अपनी शुष्क बुद्धि और शांत विचारों के लिए जाने जाते हैं। चंद्रचूड़ का विवाह वकील कल्पना दास से हुआ। उनकी पहली पत्नी, रश्मि की 2007 में कैंसर की वजह से मृत्यु हो गई। दंपति की दो अडॉप्टेड बेटियां हैं, और उनकी पहली शादी से उनके दो बेटे हैं।
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अशोक जहागीरदार ने पुराने दिनों को याद करते हुए एक और दिलचस्प किस्सा बताया। ये किस्सा तब का है जब वो दोनों तीसरी क्लास में हुआ करते थे। वह कहते हैं,"तीसरी क्लास में हमारी एक टीचर थीं, जिन्हें चंद्रचूड़ का पूरा नाम- धनंजय यशवंत चंद्रचूड़, लेने में बड़ी परेशानी होती है। नाम लंबा भी था। ऐसे में उन्होंने डीवाई चंद्रचूड़ का नाम 'डैनी' रख दिया और इसी नाम से पुकारने लगीं।"
अशोक जहागीरदार कहते हैं इसके बाद धीरे-धीरे पूरे स्कूल में चंद्रचूड़, डैनी के नाम से फेमस हो गए। स्कूल के साथी तो आज भी उन्हें डैनी कहकर ही पुकारते हैं। उनके माता-पिता ने उनका नाम 'धनु' रखा था और प्यार से इसी नाम से पुकारते थे।
भारत के मुख्य न्यायाधीश धनंजय वाई. चंद्रचूड़ के पुराने दोस्त उन्हें 'डैनी' कहते हैं। यह उपनाम उन्हें मुंबई के 162 साल पुराने कैथेड्रल स्कूल में उनके एक शिक्षक ने दिया था। यहां पूर्व सीजेआई पीबी गजेंद्रगाडकर के पोते अशोक जहागीरदार उनके बैचमेट हुआ करते थे।
उनके माता-पिता, पूर्व सीजेआई यशवंत चंद्रचूड़ और शास्त्रीय गायिका प्रभा चंद्रचूड़, उन्हें 'धनु' कहते थे। सीजेआई के रूप में डीवाई चंद्रचूड़ का कार्यकाल इस साल नवंबर में खत्म हो रहा है। उनके सीजेआई बनने पर उन्हें जानने वाले और उनके कैरियर पर नजर रखने वाले लोग गर्व से कहते हैं, "डैनी वह सीजेआई हैं जिनकी भारत को अब जरूरत है!"
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