जामिया प्रदर्शन पर अपने ट्वीट को लेकर बोले इरफान पठान- भारत मेरा देश, बोलेने के लिए इजाजत की जरूरत नहीं
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और पुलिस के साथ हिंसक झडप को लेकर ट्वीट करने के बाद आलोचकों के निशाने पर आए तेज गेंदबाज इरफान पठान ने इस मामले पर अपना पक्ष रखा है। पठान ने कहा कि उन्होंने इस मामले पर अपना पक्ष इसलिए रखा ताकि छात्रों के जीवन को कोई नुकसान न पहुंचने पाए। वो देश के भविष्य हैं। ट्वीट को लेकर हो रही आलोचना पर इरफान पठान ने कहा कि उन्होंने कभी भी नफरत फैलाने वाला संदेश नहीं दिया है और वह अमन और शांति की बहाली ही चाहते हैं।

पाकिस्तान दौरे पर हुई एक घटना का उदाहरण दिया
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में इरफान पठान ने साल 2004 में पाकिस्तान दौरे पर हुई एक घटना का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि साल 2004 में पाकिस्तान के उस दौरे पर राहुल द्रविड़, बालाजी और पार्थिव पटेल के साथ मैं लाहौर के कॉलेज में गया। सवाल जवाब के सेशन में जिसमें 1500 छात्रों ने हिस्सा लिया था में एक छात्रा उठी और लगभग गुस्से में पूछा 'आप मुस्लिम होने के बावजूद भारत के लिए क्यों खेलते हैं ?

भारत मेरा देश और इसके लिए खेलना सम्मान की बात
इस सवाल के जवाब में इरफान ने कहा ' मैं भारत के लिए खेलकर कोई एहसान नहीं कर रहा। ये मेरा देश है और मैं इसका प्रतिनिधित्व कर गौरवान्वित और सम्मानित हूं। ये मेरा देश है जहां से मेरे पूर्वज हैं। इस जवाब पर वहां मौजूद सभी लोगों ने तालियां बजाई थीं।

जब मैं पाकिस्तान में सीना ठोंक कर कह सकता हूं तो अपने देश में इजाजत क्यों लूं
इरफान ने कहा, 'अगर मैं ये बात पाकिस्तान में खुले में सीन ठोंक कर बोल सकता हूं, तो मुझे अपने ही देश में मैं जो महसूस करता हूं उसे कहने के लिए किसी की इजाजत नहीं चाहिए। मैंने अपने देश का प्रतिनिधित्व किया है। कुछ लोगों को ये समझना चाहिए। जब मैं भारत के लिए गेंदबाजी करने के लिए दौड़ता था तो ये नहीं सोचा कि मैं मुस्लिम हूं। बाकी किसी भी चीज से पहले मैं मैं पहले भारतीय हूं।
क्या किया था इरफान ने ट्वीट
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन में जामिया मीलिया इस्लामिया के कई छात्रों के घायल होने पर चिंता जताई है। भारत के लिये 29 टेस्ट और 120 वनडे खेल चुके पठान ने ट्वीट किया, ''राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप तो चलते रहेंगे लेकिन मैं और हमारा देश जामिया मीलिया के छात्रों को लेकर चिंतित है।'' इरफान के अलावा पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने भी जामिया छात्रों के प्रदर्शन को लेकर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा 'देश भर के शैक्षिक संस्थानों से आ रही तस्वीरें बेहद तकलीफदेह हैं। आंखों में आंसू हैं। वे हमारे में से एक हैं। ये बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं। बलपूर्वक उनकी आवाज कुचलकर हम भारत को महान नहीं बना पाएंगे। आप सिर्फ उन्हें भारत के खिलाफ कर देंगे।''












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