चीनी सेना ने खाली किया पैंगॉन्ग फिंगर-4, 'नो पेट्रोल जोन' से हटाए अपने ढांचे
चीन ने खाली कि किया पैंगॉन्ग फिंगर-4 का इलाका, सेना ने 'नो पेट्रोल जोन' से हटाए निर्माण
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच हाल ही में लद्दाख बॉर्डर पर सेनाओं को लेने पर सहमति बनी है। जिसके बाद पैंगॉन्ग झील पर सेनाओं की डिस्एंगेजमेंट की प्रक्रिया चल रही है और दोनों देशों की सेनाएं वहां से पीछे आ रही हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक पैंगॉन्ग झील के पास स्थित फिंगर 4 को चीनी सैना ने खाली कर दिया है। साथ ही जो निर्माण यहां किए थे, उनको भी हटा लिया है।
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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, फिंगर 4 एरिया के अलावा चीन ने फिंगर 5 और फिंगर 8 के बीच से भी अपने सैनिकों को कम किया है और ढाचों को हटाया है। इनमें वो ढांचे भी शामिल हैं जो चीन ने बीते कुछ महीनों में अतिरिक्त नावों को रखने के लिए बनाए थे। पैंगोंग लेक के उत्तरी किनारे के साथ-साथ दक्षिणी छोर से भी चीनी सेना ने टैंक हटा लिए हैं। बता दें कि 11 फरवरी को सेनाओं को पीछे करने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
बता दें कि बीते हफ्ते रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बताया था कि चीन और भारत पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील को लेकर चल रहे विवाद पर सहमत हो गए हैं और पैंगोंग झील के चीन के उत्तर और दक्षिण में डिस्एंगेजमेंट पर समझौता हो गया है। भारत-चीन ने मिलकर तय किया है कि अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति को वापस लागू किया जाएगा। डिसएंगेजमेंट प्लान के मुताबिक चीन फिंगर 8 तक जाएगा और भारत धन सिंह थापा पोस्ट के पास फिंगर 3 पर जाएगा इसके साथ ही पैंगोंग लेक के दक्षिणी किनारे से तैनाती भी वापस ले ली जाएगी।
दोनों देशों में सेनाओं को बॉर्डर से पीछे लेने पर सहमति बनने के बाद भारत और चीन की सेनाओं में लद्दाख बॉर्डर पर करीब दस महीने से चल रहा तनाव कम होता दिख रहा है। बता दें कि दोनों देशों की सेनाएं करीब दस महीने से एक दूसरे के आमने-सामने थीं। जून, 2020 में गलवान वैली में एक झड़प भी दोनों सेनाओं में हुई थी। जिसमें 20 भारतीय सैनिकों की जान चली गई थी। जिसके बाद लगातार दोनों देशों के सैन्य अफसरों के बीच बातचीत का दौर चल रहा था।












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