• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

29/30 अगस्‍त को पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिकों की घुसपैठ, फिर हुई भारतीय जवानों के साथ झड़प

|

नई दिल्‍ली। पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच जारी तनाव पर एक बड़ी खबर आ रही हैं। यहां पर एक बार फिर चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिशें की है। एक बार फिर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई है। स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है और बताया जा रहा है कि भारतीय जवानों ने चीनी सैनिकों को करारा जवाब दिया है। आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच पांच मई से लद्दाख में टकराव जारी है। चार माह बाद भी इसका कोई नतीजा नहीं निकला है!

    India-China Ladakh LAC Tensions: चीन ने फिर की घुसपैठ की कोशिश, भारत ने किया नाकाम | वनइंडिया हिंदी

    यह भी पढ़ें-गलवान घाटी में मारे गए थे 35 चीनी सैनिक

    चुशुल में जारी है मीटिंग

    चुशुल में जारी है मीटिंग

    सेना प्रवक्‍ता कर्नल अमन आनंद ने बताया है, '29 और 30 अगस्‍त की रात पीएलए के जवानों ने पूर्वी लद्दाख में जारी टकराव के दौरान मिलिट्री और राजनयिक वार्ता के दौरान बनी आम सहमति का उल्‍लघंन किया और भड़काऊ सैन्‍य गति‍विधियों को अंजाम दिया है। सेना बातचीत के जरिए शांति और स्थिरता कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन साथ ही समान रूप से अपनी क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा के लिए भी दृढ़ निश्चित है।' कर्नल आनंद ने जानकारी दी है कि चुशुल में इस समय ब्रिगेड कमांडर मीटिंग इस मुद्दे को सुलझाने के लिए जारी है। जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक चीनी सैनिकों ने इस बार पैंगोंग झील के दक्षिणी हिस्‍से में गतिविधियों को अंजाम दिया है। इस समय झील के दक्षिणी हिस्‍से में भी चीनी सैनिकों को भारी जमावड़ा है।

    पैंगोंग से चीनी सेना का हटने से इनकार

    पैंगोंग से चीनी सेना का हटने से इनकार

    जो बयान सोमवार को सेना की तरफ से जारी किया गया है, उसमें इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि चीन की तरफ से क्‍या भड़काऊ कार्रवाई की गई और सेना ने किस तरह से उनके प्रयासों को विफल किया है। भारत और चीन के बीच डिसइंगेजमेंट को लेकर अब तक कई दौर वार्ता हुई। 15 जून को गलवान घाटी में हुई हिंसा के बाद डिसइंगेजमेंट पर काफी जोर दिया गया है। लेकिन चीनी सेना ने पीछे हटने से साफ इनकार कर दिया है खासतौर पर पैंगोंग झील के पास से। यह झील करीब 700 स्‍क्‍वॉयर किलोमीटर के हिस्‍से में फैली है।

    अप्रैल वाली यथास्थिति बहाल हो

    अप्रैल वाली यथास्थिति बहाल हो

    दो दिन पहले ही रक्षा मंत्रालय की तरफ से चीन को स्‍पष्‍ट कहा गया था, 'द्विपक्षीय संबंधों की बड़ी तस्‍वीर की तरफ देखना चाहिए और रिश्‍तों को सामान्‍य बनाने और पटरी पर लाने के लिए प्रयास करने चाहिए।' भारत ने चीन को साफ कर दिया है कि पूर्वी लद्दाख में पूरी तरह से डिसइंगेजमेंट हो और इसके बाद सैनिकों की संख्‍या कम की जाए। यह सिर्फ तभी हो सकता है जब दोनों तरफ से एक समान प्रयास हों। सेना ने पीएलए को स्‍पष्‍ट कर दिया है कि उसे हर हाल में 20 अप्रैल वाली यथास्थिति को बहाल करना होगा।

    फिंगर इलाके पर चीनी सैनिकों का जमावड़ा

    फिंगर इलाके पर चीनी सैनिकों का जमावड़ा

    चीनी जवान फिंगर 4 और फिंगर 5 से तो वापस चले गए हैं लेकिन कई जगहों पर खासतौर पर पैंगोंग झील पर अभी तक उनकी तैनाती बरकरार है। चीन की शर्त है कि वह पैंगोंग झील के फिंगर एरिया से तभी वापस जाएगा जब भारत की सेना पीछे हटेगी। इसी शर्त ने स्थिति को जटिल बना दिया है। भारत के जवान फिंगर 4 से कुछ पीछे हटे हैं। लेकिन फिंगर 5 और 8 पर चीन ने अपनी स्थिति को और मजबूत कर लिया है। यहां पर उसने गश्‍त बढ़ा दी है। अब तक भारत और चीन के बीच पांच दौर की कोर कमांडर वार्ता हो चुकी है साथ ही राजनयिक स्‍तर की वार्ता भी जारी है।

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    China tries to change the status quo in Eastern Ladakh situation is tensed.
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X