राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अरुणाचल दौरे से तिलमिलाया चीन, भारत से ये कहा
रविवार को ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अरुणाचल प्रदेश की विधानसभा में नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करने गए थे। यहां विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुये कोविंद ने कहा था कि आपके पास इस इमारत की तरह अपने लोगों के लिये जगह होनी चाहिए
नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अरुणाचल दौरे से चीन नाराज हो गया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा है कि भारत को मौजूदा हालात को देखते हुए इससे बचना चाहिए। चीन ने भारत को नसीहत देते हुए कहा है कि ऐसे वक्त में जब दोनों देशों के रिश्ते बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं, भारत को इसका ध्यान रखना चाहिए। चीनी प्रवक्ता ने कहा कि दोनों ही देश मतभेद वाले मुद्दों का समाधान निकाल रहे हैं। चीन ने अरुणाचल में लगातार दौरों पर ऐतराज जताते हुए कहा कि हमें ऐसा समाधान निकालना चाहिए जो सभी को स्वीकार्य हो।

रविवार को ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अरुणाचल प्रदेश की विधानसभा में नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करने गए थे। यहां विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुये कोविंद ने कहा था कि आपके पास इस इमारत की तरह अपने लोगों के लिये जगह होनी चाहिए, जिन्होंने बेहद उम्मीद और अकांक्षाओं के साथ आपको चुना है। अपने मतदाताओं की अकांक्षाओं को बरकरार रखने और पूरी गंभीरता से उनकी सेवा करने के लिये आपको उनकी जिम्मेदारियां साझी करनी चाहिए।
अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है
आपको बता दें कि चीन इस इलाके में भारत के किसी भी अफसर या नेता के विजिट का विरोध करता आ रहा है। उधर, भारत चीन की आपत्ति को नकारता रहा है। भारत का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है। भारतीय नेता देश के किसी भी हिस्से में घूमने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं।
अगस्त में हुआ था डोकलाम विवाद
इसी साल अगस्त में डोकलाम में दोनों देशों ने अपनी सेना हटा ली थी। जिसके सीमा विवाद पर दोनों मुल्कों में पहली सकारात्मक बातचीत हुई है। डोकलाम विवाद पर समाधान के करीब दो महीने बाद भारत और चीन के बीच पहली बार सीमा क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों पर बातचीत हुई। इस बातचीत में सीमा क्षेत्र की स्थितियों की समीक्षा के साथ ही हालात शांतिपूर्ण बनाए रखने की चर्चा हुई थी। बॉर्डर विवाद पर दोनों देशों के बीच 19 राउंड की बातचीत हो चुकी है। 20वें राउंड की बात अगले महीने दिल्ली में होने की उम्मीद है। अभी तक तारीख तय नहीं हुई है। बता दें कि इस विवाद को सुलझाने का जिम्मा नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल और चीन के यांग जीईची को दिया गया है।












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