चीन में कोविड-19 के मामलों में उछाल के बीच Anand Mahindra का सवाल, क्या भारत 'अच्छा पड़ोसी' बन सकता है ?
आनंद महिंद्रा ने एक बार फिर अपने ट्वीट से सुर्खियां बटोरी हैं। उन्होंने चीन में कोरोना संक्रमण के मामलों को बढ़ने के बीच कहा, क्या भारत अच्छा पड़ोसी बन सकता है ?

China Coronavirus के बढ़ते मामलों से जूझ रहा है। Anand Mahindra ने एक मीडिया रिपोर्ट को रीट्वीट कर चिंता जताई और कहा, स्पष्ट रूप से चीन में इस्तेमाल किए जा रहे टीकों से जरूरी प्रतिरक्षा नहीं मिली है। उन्होंने सवाल किया कि क्या भारत ये दिखा सकता है कि अच्छे पड़ोसी कैसे बन सकते हैं ?
दरअसल, भारत में भी कोरोना संक्रमण से लड़ने के उपायों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और राज्य सरकारें एहतियाती उपाय कर रही हैं। अब क्योंकि कोविड-19 वायरस की ताज़ा लहर चीन में तेजी से फैलती दिख रही है, चिंता गहराने लगी है। सोशल मीडिया ऐसे दृश्यों से पट गए हैं जो वायरस से लड़ने की अपनी तैयारियों की पोल खोल रहे हैं। दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश- चीन में हालात कितने चैलेंजिंग हैं, इस तरफ इशारा हो रहा है।
महिंद्रा का कमेंट- पड़ोसियों से भारत का बर्ताव...
दरअसल, चीन के एक अस्पताल की कथित तौर पर ऐसी ही एक तस्वीर सामने आई जहां मरीजों को बिस्तर नहीं मिल रहे और जमीन पर लिटा कर उनका उपचार किया जा रहा है। ऐसी ही एक फोटो पर प्रतिक्रिया में अरबपति उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने शुक्रवार को कहा, एक बार फिर यह उदाहरण पेश करने का अच्छा मौका हो सकता है कि भारत अपने पड़ोसियों से कितना 'अच्छा' बर्ताव करता है।
टीका कंपनियों को टैग किया
अपने ट्वीट में, महिंद्रा ने भारत में टीका बना रही कंपनियों- भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को भी टैग किया। उन्होंने कहा कि तस्वीरों से स्पष्ट है कि चीन में टीकों से जरूरी प्रतिरक्षा नहीं मिली है। उन्होंने सवाल किया, "क्या हम प्रदर्शित कर सकते हैं कि अच्छे पड़ोसी कैसे बनें। टीका बनाने वाली कंपनियों- सीरम (@SerumInstIndia) और भारत बायोटेक (@BharatBiotech) को टैग कर उन्होंने पूछा- क्या वर्तमान में हमारे पास आपूर्ति करने की पर्याप्त क्षमता है ?
कहां की तस्वीर से विचलित हुए महिंद्रा ?
महिंद्रा ने जिस ट्वीट पर रिएक्ट किया है, उसमें तस्वीर शेयर करने वाले यूजर ने लिखा, यह 'चोंगकिंग मेडिकल यूनिवर्सिटी अस्पताल' है। अस्पताल के अंदर और बिस्तर नहीं हैं। बुजुर्ग फर्श पर लेटने लगे हैं। छाती पर लगी मशीनों का इस्तेमाल दिल को दबाने के लिए मानव हाथ के बदले किया जाता है।
क्या हैं चीन में कोरोना के हालात
गौरतलब है कि चीन में अचानक कोविड-19 के मामले बढ़ने का कारण देश को हिलाकर रख देने वाले लॉकडाउन-विरोधी प्रदर्शन और लॉकडाउन समाप्त करने के फैसले को माना जा रहा है। न्यूज एजेंसी एएफपी के अनुसार चीन के कई अस्पताल मरीजों से भर गए हैं। बुजुर्ग इस बार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि लोग कोविड-19 ट्रीटमेंट के लिए तैयार किए गए अस्पतालों के लिए लाइनों में खड़े हैं। अस्थायी कोविड वार्ड में भीड़ है। हालांकि, चीन ने आधिकारिक तौर पर केवल "मुट्ठी भर" (handful) मौत होने की बात कही है।












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