क्या अग्नि-5 है निशाना? चीन ने एंटी-मिसाइल इंटरसेप्ट टेस्ट के सफल परीक्षण का दावा किया

नई दिल्ली: चीन ने अपनी ओर आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को रास्ते में ही नाकाम करने वाली एंटी-मिसाइल इंटरसेप्ट टेस्ट के सफल परीक्षण का दावा किया है। अमेरिका के बाद चीन दूसरा देश है, जिसने इस तरह की एंटी-मिसाइल टेक्नोलॉजी के सफल परीक्षा का दावा किया है। हालांकि, चीन के रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि यह परीक्षण किसी भी देश के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह चीन की हिफाजत के लिए है। लेकिन, चाइनीज सेना के अंदरूनी सूत्र इन दावों से उलट तथ्य सामने रख रह हैं और उनका कहना है कि लद्दाख के हालात के मद्देनजर चीन ने भारत की परमाणु सक्षम अचूक बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 की काट के तौर पर यह परीक्षण किया है।

एंटी-मिसाइल इंटरसेप्ट टेस्ट के सफल परीक्षण का दावा

एंटी-मिसाइल इंटरसेप्ट टेस्ट के सफल परीक्षण का दावा

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में छपी एक खबर के मुताबिक चीन की ओर आने वाले किसी भी मिसाइल को हवा में ही मार गिराने की क्षमता वाले टेस्ट की सफलता का दावा करते हुए उसके रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि, 'यह परीक्षण पूरी तरह से रक्षात्मक था और किसी भी खास देश को टारगेट करने के लिए नहीं किया गया है।' चीन की ओर से इससे ज्यादा इस परीक्षण की कोई तकनीकी जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, उत्तरी चीन के ताइयुआन सैटलाइट लॉन्च सेंटर के पास परीक्षण से पहले नो-फ्लाई वॉर्निंग जरूर दी गई थी। वैसे, सोशल मीडिया पर इस टेस्ट से जुड़ी कुछ कथित तस्वीरें जरूर वायरल हो रही हैं।(ऊपर की तस्वीर सौजन्य-साउथ चाइना पोस्ट )

भारत को जवाब देने के लिए परीक्षण- पीएलए सूत्र

भारत को जवाब देने के लिए परीक्षण- पीएलए सूत्र

वैसे चीन ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि उसका यह परीक्षण किसी खास देश के खिलाफ नहीं है, लेकिन अखबार ने पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी के कुछ अंदरूनी सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि यह मिडकोर्स एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल टेस्ट आने वाले न्यूक्लियर वारहेड को रोकने की नीयत से किया गया लगता है, जो कि भारत को चेतावनी देने के इरादे से किए जाने की संभावना है। चीन की सेना के सूत्र ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा है, 'यह टेक्नोलॉजी चीन लंबे समय से विकसित कर रहा है। गुरुवार का परीक्षण भारत को चेतावनी देने के इरादे से किया गया हो सकता है, जो कि चीन के साथ डील करते वक्त "न्यूक्लियर ब्लैकमेल की रणनीति" का इस्तेमाल करता है।' हालांकि, उसने यह भी कहा है कि चीन की यह टेक्नोलॉजी अभी भी अमेरिका और रूस के लिहाज से नाकाफी है।(ऊपर की तस्वीर-अग्नि-5)

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    अग्नि-5 के कहर से डर गया है चीन?

    अग्नि-5 के कहर से डर गया है चीन?

    दरअसल, इस अखबार ने एक भारतीय अखबार (दि न्यू इंडियन एक्सप्रेस) की जनवरी की एक रिपोर्ट के हवाले से दावा किया है कि भारत इस साल अपनी सबसे शक्तिशाली परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 की तैनाती की योजना बना रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक लद्दाख में भारत-चीन तनाव की वजह से इसकी प्रक्रिया तेज कर दी गई है। गौरतलब है कि अग्नि-5 की मारक क्षमता 5,000 किलोमीटर से भी ज्यादा है चीन के कई बड़े शहर इसके जद में आ सकते हैं। चीन ने इस तरह का पहला सफल परीक्षण 2010 में किया था। बाद में 2013,2014 और 2018 में भी ऐसे टेस्ट के दावे किए गए। जबकि, अमेरिका ने 2004 में इस तरह के पहला सिस्टम तैनात कर दिया था और 2019 में उसने सबसे हालिया सफल परीक्षण किया था।(ऊपर की तस्वीर-सांकेतिक)

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