चिदंबरम ने डिटेंशन सेंटर के मुद्दे पर रखा कांग्रेस का पक्ष, कहा-फॉरनर्स एक्ट के तहत बने थे सेंटर ना कि NRC के लिए
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून, नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस और नेशनल पॉप्यूलेशन रजिस्टर को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि, डिटेंशन सेंटर कांग्रेस के समय से बनाए जा रहे हैं। अब कांग्रेस ने बीजेपी के इस आरोप का जवाब दिया है। यूपीए का कार्यकाल और वर्तमान सरकार के दौरान डिटेंशन सेंटर पर पूर्व वित्तमंत्री पी चिंदबरम ने कहा कि हमने फॉरनर्स एक्ट के तहत डिटेंशन सेंटर बनाए थे, नागरिकता कानून के तहत या एनआरसी का उनसे कोई संबंध नहीं था।
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तिरुवनंतपुर में मीडिया से बात करते हुए पूर्व वित्तमंत्री पी चिंदबरम ने डिटेंशन सेंटर पर कहा कि, डिटेंशन सेंटर फॉरनर्स एक्ट के तहत बनाए थे, ना कि, नागरिकता कानून या एनआरसी के तहत। फॉरनर्स एक्ट में आवश्यक होता है कि पकड़े गए विदेशी व्यक्ति को कैंप में रखा जाता है। उच्च न्यायालय ने असम में इसे स्थापित करने का निर्देश दिया था। जिसके बाद केंद्र सरकार ने इसे लेकर फंड जारी किए थे।
पूर्व वित्तमंत्री ने कहा कि, आज का संदर्भ अलग है। आज कोर्ट के आदेशों के तहत नहीं बल्कि एनआरसी के तहत कैंप लगाए जा रहे हैं। हम 19 लाख लोगों की बात कर रहे हैं। 2012 में 100-200 लोगों के लिए एक शिविर लगाने का आदेश दिया गया था। क्या यूपीए ने 19 लाख लोगों के लिए कैंप बनाने की बात कही थी? यही नहीं उन्होंन ये भी साफ किया कि, कांग्रेस सरकार अलग से कैंप नहीं बनावा रही है। 100-200 लोगों के लिए जेल के हिस्से को कैंप में बदलने की योजना थी।
बता दें कि, असम के गोवालपारा जिले के माटिया में पहले डिटेंशन सेंटर (हिरासत केंद्र) का निर्माण कार्य चल रहा है। इस सेंटर का करीब 65 फीसदी हिस्सा अब तक पूरा हो चुका है। ये डिटेंशन सेंटर करीब 46 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा है। इस सेंटर में 3,000 लोगों को रखा जा सकेगा।सेंटर का निर्माण कार्य दिसंबर 2018 में शुरु हुआ था।












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