Turturiya Dham: छत्तीसगढ़ का तुरतुरिया धाम, जहां सीता माता ने दिया था लव-कुश को जन्म
Chhattisgarh Turturiya Dham: अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है, जिसके लिए धार्मिक अनुष्ठान 16 जनवरी के शुरू हो चुके हैं। अयोध्या में भव्य धार्मिक कार्यक्रम के अनुसार राम लाल की मूर्ति स्थापित होगी।
पूरे देश में उत्सव का माहौल है। ऐसे में राम मंदिर उद्घाटन के खास मौके पर आपको श्रीराम और माता सीता से जुड़े एक और धार्मिक स्थल के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां भगवान के दोनों पुत्र लव-कुश का जन्म हुआ था।

तुरतुरिया से भगवान राम का खास संबंध
छत्तीसगढ़ का भगवान राम से अनोखा संबंध है। छत्तीसगढ़ भगवान राम का नैनिहाल है। इसके अलावा अयोध्या में जन्मे श्रीराम का छत्तीसगढ़ के तुरतुरिया से खास संबंध है। यहां त्रेतायुग में महर्षि वाल्मिकी का आश्रम था। ऐसे में जब भगवान श्रीराम ने माता सीता का परित्याग किया तो लक्ष्मण उन्हे महर्षि वाल्मिकी के इसी आश्रम में लेकर आए थे। तुरतुरिया आश्रम में ही सीता माता ने लव और कुश का जन्म दिया था।
पुत्र लव-कुश की जन्मस्थली
राजधानी रायपुर से करीब 84 किलोमीटर दूर तुरतुरिया वाल्मिकी आश्रम और भगवान राम के पुत्र लव-कुश की जन्मस्थली है। जो छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में स्थित है। यहां की सुंदर प्रकृति की गोद में सरम्य तुर-तुर ध्वनी के साथ बहती 12 जलधाराओं के कारण इस स्थान का नाम तुरतुरिया पड़ा है।
महाकाव्य रामायण की रचना की थी
माता सीता ने जिस स्थान पर लव-कुश को जन्म दिया था। उसी स्थान पर तुरतुरिया मंदिर बना है। इसी के पास महर्षि वाल्मिकी का वो स्थान स्थित है, जहां उन्होंने महाकाव्य रामायण की रचना की थी। धार्मिक स्थल तुरतुरिया राम गमन पथ में शामिल है। ऐसे में इस जगह की बड़ी आध्यामिक मान्यता है।
यह स्थल अत्यंत ही मनोरम है और आध्यात्मिक वातावरण से ओतप्रोत है। जंगल से घिरे इसे धार्मिक स्थल के बारे में पहले बाहरी लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन अब अयोध्या राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ यहां भी श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।












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