सरकार जो चाहे कर ले, NRC रजिस्टर में दस्तखत नहीं करूंगा: छत्तीसगढ़ सीएम बघेल
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देशभर में एनआरसी लाए जाने की कड़ी मुखालफत की है। बघेल ने कहा है कि मैं पहला शख्स रहूंगा जो एनआरसी रजिस्टर में दस्तखत नहीं करूंगा, सरकार की जो मर्जी आए उनके साथ कर ले। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बीते संसद सत्र में देशभर में एनआरसी लाने की बात कही है, हालांकि इसकी तारीखों को लेकर कोई ऐलान नहीं किया गया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि तुरंत इसे लाने का प्लान नहीं है।

शनिवार को एनआरसी को लेकर बघेल ने कहा, एनआरसी अंग्रेजों के 1906 में लाए एशियन रजिस्ट्रेशन बिल जैसा है, महात्मा गांधी ने तब इसका विरोध किया था और हस्ताक्षर नहीं किया था। मैं भी उनके रास्ते पर चलूंगा और एनआरसी रजिस्टर पर साइन नहीं करूंगा। मैं पहला व्यक्ति होऊंगा जो एनआरसी रजिस्टर से इंकार करूंगा।
बघेल ने कहा, हम इस कानून को छत्तीसगढ़ में लागू नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में आधे से ज्यादा लोग नहीं साबित कर पाएंगे कि वो नागरिक हैं। राज्य में करीब दो करोड़ लोग हैं और आधे ऐसे हैं जिनके पास जमीन के रिकॉर्ड नहीं हैं, पुरखे पढ़ेृ-लिखे नहीं थे। ऐसे लोग अपनी नागरिकता साबित नहीं कर पाएंगे। अगर कोई अवैध नागरिक रह रहा है तो सरकारी एजेंसियों को उसे पकड़ना चाहिए। आम नागरिकों को क्यों परेशान किया जा रहा है।
भूपेश बघेल के अलावा गैर-भाजपा शासित ज्यादातर राज्यों के मुख्यमंत्री एनआरसी को लेकर एतराज जता चुके हैं। केरल, पंजाब, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार के सीएम कह चुके हैं कि वो एनआरसी के पक्ष में नहीं है। इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों का कहना है कि पूरे देश के लोगों के नागरिकता के प्रमाण पत्र चैक करना व्याहवारिक ही नहीं है।












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