चंद्रयान-3 ने चांद पर पूरे किए आठ दिन, जानिए अब तक रोवर और लैंडर ने क्‍या-क्‍या किए खुलासे

Chandrayaan 3: इसरो के चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) को चंद्रमा के साउथ पोल पर सेफ लैंडिंग किए आज आठ दिन पूरे हो चुके हैं। चंद्रयान के विक्रम लैंडर ने 23 अगस्‍त 2023 को चांद की सतह पर कदम रखा था। चंद्रयान-3 का प्रज्ञान रोवर (Pragyan Rover) चांद की सतह पर टहलते हुए इन आठ दिनों में कई खोज कर चुका है और चांद से जुड़ी इन सभी खोज और जानकारियों को विक्रम लैंडर (Vikram Lander) इसरो के वैज्ञानिकों को पहुंचा चुका है।

आइए जानते हैं चंद्रयान-3 चांद की सतह पर बीते आठ दिनों में क्‍या-क्‍या खोज कर चुका है जिससे भविष्‍य में चांद पर जिंदगियां बसाने में कितनी मदद मिलेगी।

chandrayaan 3 news

प्रज्ञान रोवर ने खोजी ये अहम चीज

29 अगस्‍त 2023 को चंद्रयान-3 के प्रज्ञान रोवर ने ये रहस्‍य खोला कि चांद के दक्षिणी ध्रुव के क्षेत्र में ऑक्‍सीजन है। चांद के साउथ पोल पर ऑक्‍सीजन होने का पता रोवर में लगे यंत्र लेजर इंडयूस्‍ट ब्रेकडाउन स्‍पेक्‍ट्रोस्‍कोपी (LIBS) ने लगाया है।

प्रज्ञान रोवर का लिब्स पेलोड कैसे करता है काम?

बता दें रोवर में लगा लेजर इंडयूस्‍ट ब्रेकडाउन स्‍पेक्‍ट्रोस्‍कोपी (LIBS) यंत्र है जो चांद की सतह पर मौजूद खनिजों और रसायनों की खोज कर रहा है। प्रज्ञान रोवर का लिब्स पेलोड चांद की सतह पर तेज लेजर किरणें फेंककर उससे निकलने वाले प्‍लाज्‍मा का एनालिसिस करता है। लेजर किरणें मिट्टी या पत्‍थर पर जब गिरती हैं तो इससे गर्म प्‍लाज्‍मा उत्‍पन्‍न होता है। प्‍लाज्‍मा की रोशनी ही ये खुलासा करती है कि चांद की सतह पर किस प्रकार का खनिज या रसायन मौजूद हैं।

चांद पर ऑक्‍सीजन होने का क्‍या होगा फायदा

चंद्रयान-3 का प्रज्ञान रोवर चांद पर ऑक्‍सीजन खोज चुका है और अब हाइड्रोजन खोज रहा है अगर हाइड्रोजन मिल जाता है तो ऑक्‍सीजन और हाइड्रोजन मिलकर पानी बना सकते हैं। अगर हाइड्रोजन भी मिल जाता है तो चांद पर भविष्‍य में इंसानी बस्‍ती बसाना संभव होगा क्‍योंकि ये दोनों ही बहुत जरूरी है।

विक्रम लैंडर ने चांद के तापमान के बारे में किया ये बड़ा खुलासा

वहीं चंद्रयान के विक्रम लैंडर में एक खास थर्मामीटर लगा हुआ उसने चांद के साउथ पोल को लेकर बड़ा खुलासा किया है। विक्रम लैंडर ने खोज की है कि चांद की ऊपरी सतह और 10 सेंटीमीटर अंदर की सतह के तापमान में बड़ा अंतर होता है।

विक्रम में लगे चास्टे (ChaSTE) पेलोड ने बताया कि चांद की सतह से 4 इंच नीचे का तापमान में बड़ा अंतर है। ऊपरी सतह पर तापमान 50 से 60 डिग्री सेल्सियतस था, वहीं चांद की सतह से 4 इंच का तापमान माइनस 10 डिग्री थी। यानी चांद की ऊपरी सतह की अपेक्षा अंदर की सतह का तापमान बहुत कम रहता है।

तापमान पता चलने से क्‍या होगा लाभ

चंद्रमा की सतह के तापमान के बारे में पता चलने पर अब ये निश्चित करने में आसानी होगी कि चांद पर मनुष्‍यों के लायक कालोनियां बसाने के लिए कौन सी जगह सही रहेगी। चांद की ऐसी जगहें जहां के तापमान में इतना भयानक अंतर होता है तो वहां पर मानव बस्तियां नहीं बसाई जाएगी।

चंद्रयान-3 के रोवर ने चांद की सतह पर खोजे ये खनिज

इसके अलावा प्रज्ञान रोवन ने चांद की सतह पर कई रसायनों और खनिजों के होने का पता लगाया है। प्रज्ञान रोवर के लेजर-प्रेरित ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप (LIBS) उपकरण ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सल्फर होने की पुष्टि की है। पेलोड ने खोज करने के लिए अपनी तरह का पहला इन-सीटू इस्‍तेमाल किया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक मिशन अपडेट में कहा कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास चंद्रमा की सतह पर LIBS द्वारा पाए गए अन्य तत्वों में एल्यूमीनियम, कैल्शियम, लोहा, क्रोमियम, टाइटेनियम, मैंगनीज, सिलिकॉन और ऑक्सीजन शामिल हैं।

खनिज और रासायन मिलने से क्‍या होगा लाभ

चांद की सतह पर सल्‍फर, अल्‍यूनियम , कैल्‍सियम, लोहा, क्रामियम और टाइटैनियम मन्‍गनीज और सिलकॉन अब तक मिल चुका है। ये सभी ऐसी खनिज और रसायन है जिनका धरती पर विभिन्‍न जरूरत की चीजें बनाई जाती है और अन्‍य तरीकों से उनका उपयोग मानव जीवन में किया जाता है। यानी कि चांद पर कालोनियां जब भविष्‍य में बसाई जाती हे तो केवल धरती से कुछ मशीनें ले जाकर चांद पर मौजूद इन खनिजों और रसायन से चीजों का निर्माण किया जा सकेगा। कुल मिलाकर चांद पर जो चीजें अब तक मिली है और अगले छह दिनों तक चंद्रयान-3 खोज करेगा वो सभी चीजें इंसान को चांद पर बसाने का रास्‍ता आसान करेगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+