पीएम केयर्स फंड पर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष केंद्र ने दायर किया हलफनामा

नई दिल्ली। कोरोना काल में पीएम मोदी द्वारा बनाए गए पीएम केयर्स फंड पर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में पीएम केयर्स फंड की पारदर्शिता को लेकर कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। अब पीएम केयर्स फंड पर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष केंद्र ने हलफनामा दायर किया है। हलफनामें में सरकार ने कहा है कि, राहत कार्यों जैसे राष्ट्रीय और राज्यों की आपदा प्रतिक्रिया निधियों के लिए सांविधिक निधियों का अस्तित्व अन्य निधियों को प्रतिबंधित नहीं करता है।

Centre has filed an affidavit before Supreme Court on PM CARES fund.

केंद्र सरकार द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया है, 'राष्ट्रीय और राज्यों के आपदा प्रतिक्रिया कोष जैसे राहत कार्यों के लिए सांविधिक निधियों का अस्तित्व उन अन्य निधियों को प्रतिबंधित नहीं करता है जो स्वैच्छिक दान स्वीकार करते हैं। बता दें कि पिछले महीने कोरोना वायरस महामारी से लड़ने के लिए पीएम केयर्स फंड में प्राप्त अनुदान को नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड (एनडीआरएफ) में ट्रांसफर करने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी।

गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (सीपीआईएल) की ओर से वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण द्वारा दायर याचिका में मांग की गई है कि मौजूदा महामारी से लड़ने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत एक राष्ट्रीय प्लान बनाया जाना चाहिए और एक्ट की धारा 12 के तहत न्यूनतम राहत निर्धारित की जानी चाहिए।

यही नहीं याचिका में यह भी कहा गया था कि महामारी से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 10 और 11 के तहत एक राष्ट्रीय योजना तैयार, अधिसूचित और लागू की जानी चाहिए। याचिका में जिक्र किया गया था कि विश्व में कोविड-19 के मामलों में भारत चौथे स्थान तक पहुंच गया है।

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