CDS बिपिन रावत बोले- गलवान की झड़प के बाद चीन को समझ आया, उनको बेहतर ट्रेनिंग की जरूरत
नई दिल्ली, 23 जून: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने कहा कि गलवान घाटी में भारतीय सेना के साथ हुई झड़प के बाद चीन को ये समझ आ गया है कि उनको बेहतर ट्रेनिंग करने और तैनाती में बदलाव लाने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौते पर कहा कि सीमाओं पर शांति दोनों देशों के लिए अच्छी है और हम इसका स्वागत करते हैं।

जनरल बिपिन रावत ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा, पिछले साल जून में गलवान घाटी और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हालिया घटनाओं के बाद चीन को अहसास हुआ कि उसे अब बेहतर तैयारी की जरूरत पड़ेगी। जिसके बाद भारत के साथ सीमा पर चीनी तैनाती में बदलाव भी आया है। उन्होंने कहा, चीन के सैनिकों की भर्ती कम अवधि के लिए होती है इसके अलावा उनके पास हिमालय जैसी पहाड़ियों पर लड़ने का ज्यादा अनुभव भी नहीं है। ऐसे में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने सीमा पर अपनी तैनाती में बदलाव किया है। बता दें कि बीते साल जून में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों बीच झड़प हुई थी, जिसमें 20 भारतीय सैनिकों की जान चली गई थी।
हमारे लिए दोनों ही मोर्चे अहम हैं
उत्तरी मोर्चे और पश्चिमी मोर्चे पर सेना की तैनाती को लेकर जनरल रावत ने कहा कि दोनों ही मोर्चे अहम हैं। हमने इस तरह से तैयारी की है कि हमारे जो सैनिक दोनों सीमा पर तैनाती के लिए तैयार हैं और सीमाओं की सुरक्षा में सक्षम हैं।
कश्मीर को लेकर सीडीएस रावत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग अमन के तरफदार हैं, वो शान्ति चाहते हैं। कई सालों तक वहां के लोगों ने हिंसा देखी है। अब वो शांति की उम्मीद कर रह हैं। उन्होंने कहा कि आर्टिकल 370 के निष्प्रभावी होने के बाद लोगों को शान्ति के आने की उम्मीद बढ़ गई हैं।












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