सीबीआई VS सीबीआई केस में अगली सुनवाई पांच दिसंबर को

नई दिल्ली। सीबीआई में शीर्ष अफसरों के एक-दूसरे पर घूसखोरी के आरोपों और अधिकारियों को छुट्टी पर भेजे जाने के केस में सुप्रीम कोर्ट आज (गुरुवार) सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालती कार्रवाई को 5 दिसंबर तक के लिए मुल्तवी कर दिया है। सुप्रीम 5 दिसंबर को मामले पर अगली सुनवाई करेगा। सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा ने केंद्र के उन्हें जबरन छुट्टी पर भेजे जाने के खिलाफ अदालत में याचिका दी है, जिस पर कोर्ट को फैसला लेना है। फली एस नरीमन वर्मा की ओर से पेश हुए। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ मामले की सुनवाई कर रही है। बता दें कि सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने एक-दूसरे के खिलाफ रिश्वत खाने के आरोप लगाए हैं। इसके बाद दोनों अफसरों को केंद्र ने अनिश्चितकालीन छुट्टी पर भेजा गया है।

CBI vs CBI Alok Verma verma plea hering in supreme court live updates

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Nov 29, 2018, 4:10 PM IST

डीआईजी एम के सिन्हा की ओर से इंदिरा जयसिंह ने कहा कि हम अभी अपनी याचिका की सुनवाई नहीं चाहते। हम ट्रांसफर केस से पहले आलोक वर्मा की याचिका पर फैसले का इंतजार करना चाहते हैं। इंदिरा जयसिंह ने कोर्ट से कहा कि DIG मनीष सिन्हा का ट्रांसफर किया गया। डीआईजी अस्थाना के खिलाफ जांच की निगरानी कर रहे थे।
Nov 29, 2018, 4:08 PM IST

CJI ने एके बस्सी के वकील धवन से कहा कि क्या आप अपने ट्रांसफर को चुनौती दे रहे हैं। जवाब में धवन ने कहा कि हम तो एसआईटी जांच की भी मांग कर रहे हैं। अगर कानून में कोई खामी है तो सुप्रीम कोर्ट उसे सही करेगा। सरकार या सीवीसी नहीं कर सकते।
Nov 29, 2018, 4:08 PM IST

एके बस्सी की ओर से बहस कर रहे राजीव धवन ने कोर्ट से कहा कि दो साल के फिक्स कार्यकाल से सीबीआई निदेशक को महरूम नहीं रखा जा सकता।
Nov 29, 2018, 4:07 PM IST

एके बस्सी की ओर से बहस कर रहे राजीव धवन ने कोर्ट से कहा कि दो साल के फिक्स कार्यकाल से सीबीआई निदेशक को महरूम नहीं रखा जा सकता।
Nov 29, 2018, 3:15 PM IST

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि अगर कोई सीबीआई चीफ रंगे हाथ घूस लेते पकड़ा जाए तो क्या प्रोटोकॉल है। कोर्ट ने सवाल किया कि क्या ऐसे सीबीआई चीफ को क्या अपने पद पर रहने दिया जाना चाहिए।
Nov 29, 2018, 3:13 PM IST

सीजेआई ने पूछा, क्या बिना कमेटी के किसी भी हालत में सीबीआई निदेशक को छू नहीं सकते। इस पर सिब्बल ने कहा कि कमेटी के आदेश के बिना निदेशक को छुआ तक नहीं जा सकता है।
Nov 29, 2018, 3:12 PM IST

जो भी फैसला लिया गया वो तय प्रक्रिया के अनुसार नहीं लिया गया। अगर किसी को अस्थाई तौर पर नियुक्ति करनी ही थी तो वो भी कमेटी को भेजा जाना चाहिए था: कपिल सिब्बल
Nov 29, 2018, 3:12 PM IST

केस में मल्लिकार्जुन खड़गे की तरफ से पेश होते हुए वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, सीवीसी की शक्तियों का दायरा सीमित है। वे सीबीआई डायरेक्टर को हटाने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं।
Nov 29, 2018, 1:28 PM IST

सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई 2 बजे तक के लिए टाल दी गई है। दो बजे के बाद कोर्ट फिर से मामले की सुनवाई शुरू करेगा।
Nov 29, 2018, 1:26 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सबसे पहले वो इस बाबत सुनवाई करेंगे कि सीबीआई डायरेक्ट को छुट्टी पर भेजने से पहले कमेटी की इजाजत जरूरी है या नहीं?
Nov 29, 2018, 1:26 PM IST

नरीमन ने अदालत से कहा, आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने के आदेश का कोई आधार नहीं है। अगर कुछ गलत हुआ तो सरकार को इस मामले में कम से कम कमेटी के पास जाना चाहिए था। इसके बिना सरकार का आदेश कानून के दायरे में नहीं होता। सरकार को कमेटी को बताना था।
Nov 29, 2018, 12:58 PM IST

वरिष्ठ वकील फली एस नरीमन ने आलोक वर्मा की ओर से कोर्ट में पेश हुए हैं। नरीमन ने वर्मा के छुट्टी पर भेजे जाने को लेकर अदालत से कहा कि सीबीआई डायरेक्टर का ट्रांसफर सेलेक्शन कमेटी से पास होना चाहिए, जो उनका चयन करती है।
Nov 29, 2018, 12:56 PM IST

वर्मा की याचिका पर पिछली सुनवाई 20 नवंबर को हुई थी। अदालत ने वर्मा का जवाब लीक होने पर नाराजगी जाहिर की थी। कोर्ट ने कहा था कि आप लोगों में से कोई भी सुनवाई के लायक नहीं है।
Nov 29, 2018, 12:56 PM IST

पिछली सुनवाई में सीवीसी की रिपोर्ट पर सीबीआई चीफ आलोक वर्मा के जवाब के कुछ अंश लीक होने पर नाराज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 29 नवंबर तक के लिए टाल दी थी। अदालत आज इस पर विचार कर सकती है।
Nov 29, 2018, 12:56 PM IST

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस के एम जोसेफ की बेंच सीबीआई बनाम सीबीआई के इस केस की सुनवाई कर रही है।
Nov 29, 2018, 12:56 PM IST

आलोक वर्मा की याचिका के अलावा सुप्रीम कोर्ट एनजीओ कॉमन कॉज की याचिका पर भी आज सुनवाई कर सकता है। एनजीओ ने सीबीआई अफसरों के खिलाफ आरोपों पर स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम से जांच कराए जाने की मांग की थी।
Nov 29, 2018, 12:56 PM IST

आलोक वर्मा के अलावा सीबीआई के कार्यकारी निदेशक एम नागेश्वर राव ने भी 23 से 26 अक्टूबर के बीच लिए गए फैसलों पर बंद लिफाफे में अदालत में अपना जवाब दाखिल किया था।

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