WBSSC Scam: पार्थ चटर्जी की 14 दिन बढ़ी न्यायिक हिरासत, CBI स्पेशल कोर्ट ने दिया आदेश
सीबीआई की विशेष अदालत ने पार्थ चटर्जी की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी है। CBI Special Court extends 14 days of judicial custody of Partha Chatterjee in WBSSC Scam
Partha Chatterjee: पश्चिम बंगाल शिक्षा घोटाला (West Bengal SSC Scam) मामले में बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता चटर्जी सीबीआई की स्पेशल कोर्ट से सामने पेश हुए। अर्पिता मुखर्जी ने अपनी मां से बात करने की अनुमति मांगी। उन्होंने कोर्ट को बताया की वो 15 दिनों से मां से बात नहीं कर पाई हैं। वहीं पार्थ चटर्जी ने कहा कि उन्हें किसी शर्त पर जमानत दी जाए। लेकिन केंद्रीय जांच एजेंसी की मांग पर अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी है।

सोमवार को पश्चिम बंगाल शिक्षा घोटाले के आरोपों से घिरे बंगाल सरकार के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी (Partha Chatterjee) को सीबीआई की विशेष अदालत में सशरीर पेश होना था। इससे पहले कई बार पार्थ चटर्जी की वचुर्वली सुनवाई हुई थी। सुनवाई के दौरान अदालत से केंद्रीय जांच एजेंसी हिरासत बढ़ाए जाने की मांग की। वहीं पार्थ चटर्जी के वकील ने हिरासत के दौरान मानवाधिकार के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्थ से जिस तरह से बात की जा रही है वो उचित नहीं है। वहीं पार्थ चटर्जी ने खुद किसी भी कड़ी शर्त पर अदालत से जमानत देने की मांग की। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कई मामले एक साथ लाए गए। केवल में पानी में मछली पकड़ने की जैसी कोशिश है। अदालत के कहा कि कृपया उन्हें जीवित रहने दिया जाए।
वहीं अर्पित चटर्जी ने कहा कि वो 15 दिनों से अपनी मां से बात नहीं कर पाई हैं। उन्हें मां से बात करने की अनुमति दी जाए। मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने पार्थ चटर्ची की न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ाए जाने का आदेश दिया है। फिलहाल पार्थ चटर्जी प्रेसिडेंसी संशोधनागार में हिरासत में है। पार्थ चटर्जी के साथ मामले में अन्य आरोपियों की भी पेशी थी। जिसमें डॉ शांति प्रसाद सिन्हा, प्रदीप सिंह, सुबीरेश भट्टाचार्य, प्रसन्न राय, डॉ कल्याणमय गांगुली और अशोक कुमार साहा शामिल हैं। सुबीरेश भट्टाचार्य वर्ष 2014 से 2018 तक चार वर्ष एसएससी (SSC) के चेयरमैन थे। ये भ्रष्टाचार के आरोप उसी अवधि में लगे थे। इनके खिलाफ भी कई तथ्य मिले हैं।












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