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CBI ने सीएम योगी की मांग को ठुकराया, राजेश साहनी मामले की जांच से किया इनकार

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित एटीएस मुख्यालय में 29 मई को एएसपी राजेश साहनी की गोली लगने से हुई मौत के मामले में सीबीआई ने योगी सरकार को तगड़ा झटका दिया है। सीबीआई ने साहनी मामले में जांच करने के लिए सीएम योगी की सिफारिश को ठुकरा दिया है। सीएम योगी ने गृह सचिव और डीजीपी के साथ मिटिंग कर एटीएस के एएसपी राजेश साहनी की मौत के बारे में चर्चा की थी। जिसके बाद इस मामले की सीबीआई जांच कराने का फैसला किया गया था। एएसपी साहनी की मौत के प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने 31 मई को केंद्र को घटना की सीबीआई जांच कराए जाने की संस्तुति की थी।

CBI ने राजेश साहनी मामले की जांच करने से किया इनकार

इससे पहले डीजीपी ओ पी सिंह ने मामले की जांच एडीजी लखनऊ जोन को सौंपी थी। इस मामले में एडीजी जोन लखनऊ राजीव कृष्णा ने आईजी एटीएस असीम अरुण, एटीएस एसपी जोगिंदर कुमार और राजेश साहनी के ड्राइवर समेत कई लोगों के बयान भी दर्ज किए थे।

पीपीएस एसोसिएशन ने की थी सीबीआई जांच की मांग

हालांकि पीपीएस एसोसिएशन की मांग थी कि साहनी की मौत की जांच सीबीआई से कराई जाए। वरिष्ठ पीपीएस अधिकारी राजेश साहनी की कथित आत्महत्या पर सोशल मीडिया से लेकर पुलिस महकमे में भी लगातार सवाल उठ रहे थे और मांग की जा रही थी कि साहनी की मौत किन परिस्थितियों में हुई इसकी जांच कराई जाए।

छुट्टी पर थे लेकिन फिर भी आए थे ऑफिस

1992 बैच के पीपीएस सेवा में चुने गए राजेश साहनी 2013 में अपर पुलिस अधीक्षक बने थे। वह मूलतः बिहार के पटना के रहने वाले थे। 1969 में जन्मे राजेश साहनी ने एमए राजनीति शास्त्र से किया था। राजेश साहनी ने बीते सप्ताह आईएसआई एजेंट की गिरफ्तारी समेत कई बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया था।

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राजेश साहनी की गिनती तेज तर्रार अधिकारियों में होती है। उन्होंने कई आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था। वह एटीएस में एएसपी के पद पर तैनात थे। गोमती नगर स्थित हेडक्वॉर्टर में उनका ऑफिस था। सूत्रों ने बताया कि साहनी मंगलवार को छुट्टी पर थे लेकिन वह फिर भी ऑफिस आए।

ये है पूरा मामला

दरअसल, बीती 29 मई यानी मंगलवार को एएसपी राजेश साहनी ने लखनऊ स्थित एटीएस ऑफिस में खुद को सर्विस पिस्टल से गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। जिसके बाद हर कोई स्तब्ध हो गया था। सवाल सिर्फ एक ही था कि आखिर तेज तर्रार अफसर राजेश साहनी ने ऐसे कदम क्यों उठाया होगा? इसके पीछे कोई और किरदार तो नहीं है। इसी कड़ी में सीएम योगी ने डीजीपी, प्रमुख गृह सचिव के साथ बैठक कर सीबीआई जांच कराने का निर्णय लिया और केंद्र सरकार से इसकी सिफारिश की थी। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने सीएम की सिफारिश ठुकरा दी और साहनी मौत मामले की जांच करने से इंकार कर दिया है।

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English summary
CBI refuses to investigate in Rajesh Sahani case
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