केंद्रीय मंत्रालय के रिश्वतखोर अधिकारियों पर CBI का शिकंजा, 4 गिरफ्तार, 60 लाख रुपए कैश बरामद
CBI Action: 28 जुलाई को दायर एक शिकायत के आधार पर सीबीआई ने जाल बिछाया। दिल्ली, गुरुग्राम और चेन्नई में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की, जिससे लगभग 59.80 लाख नकद रुपए की बरामदगी हुई।
लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर एक तरफ सभी राजनीतिक दल पूरा जोड लगाने में लगे हैं। इस बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भी भ्रष्टाचारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में शनिवार को एक बड़ा एक्शन सीबीआई ने लिया। जब टीम ने 3 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MOCA) के तीन अधिकारियों समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया।
जांच टीम ने आरोपियों के कब्जे से 60 लाख रुपए कैश बरामद किए हैं। आरोपी अधिकारियों के खिलाफ 28 जुलाई को दायर एक शिकायत के आधार पर, सीबीआई ने जाल बिछाया और संयुक्त निदेशक को रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद अन्य आरोपी भी पकड़े गए। कौन है ये रिश्वतखोर अफसर?

गिरफ्तार आरोपियों में संयुक्त निदेशक मंजीत सिंह और वरिष्ठ तकनीकी सहायक रूही अरोड़ा शामिल हैं, जो दिल्ली में एमओसीए कार्यालय में महानिदेशक के लिए काम कर रहे थे। इसके अलावा, गिरफ्तार किए गए लोगों में चेन्नई में कार्यरत एमओसीए के संयुक्त निदेशक पुनीत दुग्गल और मुंबई में एक निजी कंपनी 'मेसर्स आलोक इंडस्ट्रीज' के सहयोगी रेशम रायजादा भी शामिल हैं।
सभी लोक सेवक निकले भ्रष्ट
आरोपों से पता चलता है कि फंसे हुए लोक सेवक भ्रष्ट और अवैध गतिविधियों में लिप्त थे। अनुकूल उपचार के बदले में एक निजी व्यक्ति से रिश्वत ले रहे थे। रिश्वतखोरी एक निजी कंपनी की अवैध और अनैतिक व्यापार प्रथाओं में कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा चल रही जांच से संबंधित फाइलों से संबंधित थी।
तीन ठिकानों पर छापेमारी, 59.80 लाख बरामद
गिरफ्तारी के बाद, सीबीआई अधिकारियों ने दिल्ली, गुरुग्राम और चेन्नई में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की, जिससे लगभग 59.80 लाख नकद रुपए की बरामदगी हुई। साथ ही कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए।












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