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Cauvery verdict: तमिलनाडु बॉर्डर पर रोकी गईं बसें, कर्नाटक में एलर्ट जारी

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    बेंगलुरु। सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी नदी जल विवाद मामले में अपना फैसला सुना दिया है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़़ की पीठ ने तमिलनाडु को 177.25 TMC ( thousand million cubic) पानी देने का आदेश दिया है। अदालत के इस फैसले से तमिलनाडु को पानी मिलने में 15 TMC की कमी की गई है। देश की सर्वोच्च अदालत के आए इस फैसले के बाद दोनों राज्यों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

    तमिलनाडु बॉर्डर पर रोकी गईं बसें, कर्नाटक में एलर्ट जारी

    तमिलनाडु-कर्नाटक बार्डर पर एलर्ट जारी कर दिया गया है। फिलहाल तमिलनाडु सरकार के वकील की ओर से बयान आया है कि वो पहले कोर्ट के फैसले का पूरा अध्ययन करेंगे और उसके बाद ही वे आगे की कार्रवाई का फैसला करेंगे। बार्डर पर बसों को सुरक्षा के मद्देनजर बसों को भी रोक दिया गया है।इस वक्त कर्नाटक समेत बेंगलुरू में सुरक्षा कड़ी है।

    कावेरी नदी जल विवाद पर आया फैसला

    गौरतलब है कि इससे पहले प्राधिकरण की ओर से 192 TMC पानी देने का आदेश दिया था। वहीं इस फैसले में कर्नाटक को अतिरिक्त 14.75 TMC पानी देने का आदेश दिया गया है। अदालत ने यह फैसला दो मुख्य बिंदुओं पर दिया है जिसमें बेंगलुरु में पानी की दिक्कत और तमिलनाडु के 20 TMC के अंडर ग्राउंड वॉटर को पहले के फैसले में नहीं जोड़ा जाना शामिल है।

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    English summary
    SC made it clear that increase in share of Cauvery water for #Karnataka by 14.75 TMC has been done keeping in view the fact that there is an increased demand of drinking water by Bengaluru & also for many industrial activities.

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