10 गुना तक बढ़ी कोरोना से होने वाली मौतें, इन छोटे राज्यों से आ रहे हैं डराने वाले आंकड़े
नई दिल्ली, मई 11। कोरोना महामारी की दूसरी लहर का असर अभी देश में कम नहीं हुआ है। भले ही संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी देखी जा रही हो, लेकिन इस संक्रमण से होने वाली मौतों को रोकना सरकार के लिए अभी भी चुनौती साबित हो रहा है। अप्रैल के बाद रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या में 5 गुना की वृद्धि देखी गई। एक दिन में 80,000 का आंकड़ा देखते ही देखते 4 लाख में तब्दील हो गया। वहीं इस वायरस की वजह से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या भी लगभग 10 गुना बढ़ गई। 1 दिन में 400 मौत का आंकड़ा और 4000 से अधिक हो गया।

इन राज्यों में सबसे अधिक हो रही हैं कोरोना से मौत
अप्रैल से पहले महाराष्ट्र की स्थिति ने चिंता बढ़ाई हुई थी, लेकिन अप्रैल के बाद तो अन्य राज्यों, झारखंड, हरियाणा, छत्तीसगढ़, पंजाब, दिल्ली और अब उत्तराखंड में भी कोरोना से होने वाली मौतें डरा रही हैं। मार्च के अंत तक महाराष्ट्र में होने वाली मौतें देश में होने वाली सभी मौतों का एक तिहाई हिस्सा था, जो अब डेढ़ प्रतिशत तक हो गया है। इसके अलावा कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली और पंजाब जैसे राज्यों में भी पिछले 40 दिनों के अंदर कोरोना से सबसे अधिक मौतें हुई हैं। कर्नाटक में तो अब रोजाना औसतन 400 से अधित मौतें हो रही हैं, जबकि दिल्ली और यूपी में भी मरने वालों की संख्या 300 से उपर है।
उत्तराखंड में तेजी से बढ़े मौत के आंकड़े
उत्तराखंड की स्थिति अगर देखी जाए तो पता चलेगा कि इस संक्रमण की वजह से कितने लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। दरअसल, अप्रैल के दूसरे हफ्ते तक उत्तराखंड में कोरोना से मरने वाले मरीजों की संख्या 10 से भी कम थी और रविवार को राज्य में कोरोना से मरने वाले मरीजों का आंकड़ा 180 था। उत्तराखंड में पिछले एक महीने के अंदर 3700 मरीजों ने जान गंवा दी है।
इन राज्यों में कुल मौत से आधी मौत पिछले एक महीने में
झारखंड की बात करें तो राज्य में मौत के कुल आंकड़े में 70 फीसदी मौतें पिछले एक महीने में हुई हैं। झारखंड में कोरोना से मरने वाले कुल मरीजों का आकंड़ा 3853 है, जिसमें से 2678 मरीजों ने पिछले एक महीने के अंदर जान गंवाई है। बिहार, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी कुल मौत के आंकड़ों की आधी से ज्यादा मौतें पिछले एक महीने के अंदर हुई हैं।












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