कांस्टेबल से बहस के बाद थाने में वीडियो बना रहा था छात्र, पुलिस ने दर्ज कर दिया जासूसी का केस
नई दिल्ली: आज कल ज्यादातर लोगों के पास स्मार्टफोन है और वो सोशल मीडिया से भी जुड़े हैं। जब भी कहीं पर भ्रष्टाचार की बात आती है तो लोग वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करते हैं, ताकी उन्हें न्याय मिल सके, लेकिन मुंबई में एक छात्र को ऐसा करना भारी पड़ गया। उस पर पुलिस ने कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

मास्क नहीं पहनने से शुरू हुआ विवाद
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक 17 सितंबर को मुंबई के वडाला में एलएलबी सेकेंड ईयर का एक छात्र बाइक से जा रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे रोक लिया। उसके पीछे उसका दोस्त भी बैठा था। बाइक चला रहे मुकेश ने मास्क नहीं पहना था, साथ ही उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। जिस पर पुलिस टीम उसे थाने ले आई। इसके बाद मुकेश ने वहां पर रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। इस पर पुलिसकर्मी भड़क गए और जासूसी के आरोप में छात्र पर मुकदमा दर्ज कर दिया।

बदतमीजी करने का आरोप
इस मामले में शिकायतकर्ता कांस्टेबल शांताराम खाडे हैं। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा कि वो अपने साथियों के साथ वडाला ब्रिज पर चेकिंग बैरिकेड लगाकर खड़े थे। 17 सितंबर को शाम 4 बजे वहां पर मुकेश नाम का छात्र पहुंचा। उनके पीछे मनोज शुक्ला बैठे थे। लॉकडाउन का नियम तोड़ने के जुर्म में उन्हें थाने लाया गया। कांस्टेबल खाडे का आरोप है कि चेकिंग के दौरान छात्र ने बदतमीजी की थी। उनके पास ना तो ड्राइविंग लाइसेंस था और ना ही उन्होंने कोरोना से बचने के लिए मास्क पहना था। जिस वजह से उन्होंने शिकायत दर्ज करवाई है।

ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत कार्रवाई
वहीं वडाला थाने के सीनियर इंस्पेक्टर शाहजी शिंदे ने बताया कि थाने में आने के बाद मुकेश अपने फोन से पुलिस स्टेशन और वहां पर मौजूद पुलिसकर्मियों की रिकॉर्डिंग कर रहा था। इस दौरान उनके साथियों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसका फोन जब्त कर, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें एक धारा ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट की लगाई गई है। आपको बता दें कि ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट की धाराओं का इस्तेमाल जासूसी के मामले में किया जाता है।
(तस्वीरें- प्रतीकात्मक)












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