प्रोपर्टी पेपर देते समय रहें सावधान, लक्ष्य तंवर जैसे माफिया उस पर ले सकते हैं लोन, 15 करोड़ की संपत्ति कुर्क
Lakshay Tanwar Serial Loan Scammer: गाजियाबाद पुलिस ने 450 करोड़ रुपये लोन घोटाले के आरोपी लक्ष्य तंवर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। उसकी 15 करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली गई है।

Lakshay Tanwar Serial Loan Scammer: प्रोपर्टी के पेपर देते समय विशेष सावधानी रखने की जरूरत है। इसमें जरा सी चूक हुई तो लक्ष्य तंवर जैसा माफिया आपके नाम पर लोन ले सकता है। इसलिए पेपर देते समय विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। लक्ष्य तंवर कुछ ऐसा ही करता था। दूसरों के पेपर पर उनके नाम से धोखे से लोन ले लेता था।
इस बीच गाजियाबाद पुलिस ने बुधवार को लक्ष्य तंवर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। उसकी 15 करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली है। लक्ष्य तंवर की गिनती कुख्यात लोन फ्रॉडर के रूप में होती है। पुलिस ने कहा कि लक्ष्य तंवर कई ठगी के मामलों में आरोपी है।
गाजियाबाद पुलिस ने नेहरू नगर में 4 करोड़ रुपये की संपत्ति, तुरब नगर में 3 करोड़ रुपये की संपत्ति, पटेल नगर में 3 करोड़ रुपये की संपत्ति, राज नगर एक्सटेंशन में 1 करोड़ रुपये की संपत्ति और चिरंजीवी विहार में दो प्लॉट, प्रत्येक की कीमत 2 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। कुल मिलाकर 15 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।
डीसीपी सिटी निपुण अग्रवाल ने कहा कि गाजियाबाद आयुक्त की अदालत के आदेश के बाद कार्रवाई कर संपत्ति जब्त की गई है। डीसीपी अग्रवाल ने कहा कि 450 करोड़ रुपये लोन घोटाले के आरोपी को 2021 में गिरफ्तार कर लिया गया था। लक्ष्य समेत 12 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
बता दें कि लोन फ्रॉडर लक्ष्य तंवर गाजियाबाद का रहने वाला है। उसके खिलाफ दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में 42 एफआईआर दर्ज है। वह धोखे से लोने लेने के मामले में अभी जेल में है। उसे 31 अगस्त 2021 को लोन धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया था। उसने पंजाब नेशनल बैंक के कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी से लोन लिया था।
पुलिस ने कहा कि तंवर प्रॉपर्टी डीलर बनकर इस जुर्म को अंजाम देता था। वह प्रॉपर्टी बेचने वाले लोगों से मिलता था, साथ ही जो खरीददार होते थे, उन्हें बेचने वालों से मिलवाता था। डील फाइनल हो जाने के बाद वह खरीददार से रजिस्ट्री करवाने के लिए दस्तावेज़ लेता था।
इसके बाद लक्ष्य तंवर अपने सहयोगियों के नाम पर धोखाधड़ी करके लोन लेता था। यह सब कुछ बैंक अधिकारियों की मदद से होता था। आरोपी होमबायर्स को लोन दिलाने के नाम पर मदद करता था। वह संपत्ति से कई गुना ज्यादा की कीमत का लोन लेता था। इसकी जानकारी संपत्ति मालिक को नहीं होती थी।
इसलिए प्रॉपर्टी खरीदते समय पेपर को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। नहीं तो आपको भी लक्ष्य तंवर जैसा कोई फ्रॉडर चूना लगा सकता है। आपके पेपर पर कोई माफिया लोन ले सकता है।
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