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'स्मृति को दूसरा पति मिल जाएगा, पर मां-बाप को बेटा नहीं मिलेगा', शहीद कैप्टन अंशुमान का परिवार चर्चा का विषय

Captain Anshuman Singh Family: भारतीय सेना के शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के परिवार में दरार की खबरों ने सोशल मीडिया पर भूचाल ला दिया है। जब से शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के पिता रवि प्रताप सिंह और माता मंजू देवी ने अपनी विधवा बहू स्मृति सिंह (अंशुमान सिंह की पत्नी) पर पैसा और कीर्ति चक्र ले जाने का आरोप लगाया है, तब उनके परिवार के बिखराव की खबर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय है।

जुलाई 2023 में सियाचिन में आग लगने की घटना में शहीद हुए कैप्टन अंशुमान सिंह के माता-पिता ने दावा किया है कि उनकी बहू स्मृति उनके बेटे को मरणोपरांत सरकार द्वारा प्रदान किया गया कीर्ति चक्र, उनके फोटो एलबम, कपड़े और अन्य यादों के साथ गुरदासपुर स्थित अपने घर ले गई हैं।

Captain Anshuman Singh Family

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रवि प्रताप सिंह ने कहा कि उनकी बहू ने अपने बेटे के आधिकारिक दस्तावेजों में दर्ज स्थायी पते को भी लखनऊ से बदलकर गुरदासपुर कर दिया है ताकि हर जानकारी उनके पास ही आए। वहीं बहू ने भी सास-ससुर के इन आरोपों पर कहा है कि, जिसकी जैसी सोच, वो वैसी बातें करेगा। रवि प्रताप सिंह 'NOK' (next of kin) कानून में भी बदलाव की मांग की। NOK कानून यह निर्धारित करता है कि संपत्ति का उत्तराधिकारी कौन होगा।

शहीद कैप्टन अंशुमान का बिखरा परिवार, सोशल मीडिया पर बना चर्चा का विषय

शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के पिता रवि प्रताप सिंह और माता मंजू देवी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि स्मृति सिंह (अंशुमान सिंह की पत्नी) पैसा और सम्मान दोनों लेकर चली गई हैं।

शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के माता-पिता का ये वीडियो कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात के बाद आया है। राहुल गांधी ने शहीद के परिवार को भरोसा दिया है कि वो इस मामले पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात करेंगे।

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इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया के लगभग हर प्लेटफॉर्म पर शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह ट्रेंड कर रहे हैं। इस विषय को लेकर सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया है। एक तबका जो शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के माता-पिता के समर्थन में है। जिनका कहना है कि माता-पिता का बेटा इस दुनिया से चला गया है और वो कभी वापस नहीं आएगा, इसलिए उनको सरकार को कुछ देना चाहिए।

दूसरा तबका जो अंशुमान सिंह की विधवा पत्नी स्मृति सिंह के सपोर्ट में है। स्मृति सिंह के समर्थन में लोगों का कहना है कि जिस महिला के पति की मौत शादी के 5 महीने के भीतर हुई हो, उसके बारे में खुलेआम ऐसा कहना, शहीद के परिवार को शोभा नहीं देता है।

Captain Anshuman Singh Family

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अंशुमान सिंह के परिवार के बारे में सोशल मीडिया पर क्या कह रहे हैं लोग?

ट्विटर यूजर @kaankit ने कहा, ''शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के पिता का वीडियो वायरल है। हालांकि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण संदर्भ में वो इस बात को कह रहे हैं। यह बेहद दुखद है कि एक शहीद के पिता को इन हालातों से गुजरना पड़ रहा है। लेकिन शहीद के निकटतम परिजन/ आश्रित परिजन की जो परिभाषा है उसपर विचार करने की जरूरत है।''

ट्विटर यूजर @Siya7232 ने कहा, ''शहीद अंशुमान सिंह के माता पिता ने मीडिया से बात करते हुए उनकी बहू स्मृति पर आरोप लगाएं हैं। ' उन्होंने बताया की, 'स्मृति तेरहवीं के अगले दिन अपनी मां के साथ नोएडा चली गई। नोएडा में वह मेरे बेटे से जुड़ी हर चीज, उसकी तस्वीर, उसकी शादी के एल्बम सर्टिफिकेट कपड़े सब लेकर अपने मां-बाप के पास चली गई। हमें इसकी जानकारी तब हुई जब मेरी बेटी वापस नोएडा गई तो वहां फ्लैट में बेटे अंशुमान का कोई भी समान नहीं था।''

यूजर @_DilS3Rahul_ ने कहा, ''सुनिए शहीद अंशुमान सिंह के माता-पिता को की कैसे बेटे की पसंद से लाई हुई बहू ने बेटे के माता-पिता को ही साइलेंट कर दिया। एक एडल्ट मैरिड महिला और पति के परिवार के प्रति ऐसा निर्दयी व्यवहार यह दर्शाता है कि कितने छोटी सोच वाले घर की लड़की होगी''

यूजर @NalinisKitchen ने लिखा, ''शहीद अंशुमान सिंह की पत्नी सरकार द्वारा दिया गया मुआवजा लेकर घर छोड़कर चली गई हैं, इस पर आपकी क्या राय है?''

यूजर @pratapkhuraw ने कहा, ''ये शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह जी के माता-पिता हैं, इनका कहना हैं बेटा शहीद हो गया सरकार से जो मदद मिलीं वो सब बहू लेकर कर चली गईं, 5 महीने ही शादी को हुए थे, कोई बच्चा भी नहीं हैं, हमारे पास बेटे का चक्र तक नहीं, इस व्यवस्था में थोड़ा बदलाव होंना चाहिए। थोड़ी मदद ऐसे मामलो में मां-बाप को भी मिलनी चाहिए।''

यूडर @iBhumihar_Girl ने कहा, ''इसीलिए कहा जाता है, मां पिता से बढ़कर कोई नहीं होता, बहू के लिए बहुत से रास्ते हैं, मां के लिए बस आंसू। बेटा गया, बहू गई, सम्मान गया। माता पिता का कोई हक नहीं है।''

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी उठे सवाल?

ट्विटर यूजर @IAbhay_Pratap ने कहा, ''शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के माता-पिता का कहना है कि सरकार से सारी सुविधाएं लेने के बाद बहू घर छोड़कर चली गई है। राहुल गांधी इस मुद्दे पर भी सियासत कर रहे हैं. उन्होंने शहीद के माता-पिता से कहा है कि वह उन्हें न्याय दिलाएंगे और रक्षा मंत्री से बात करेंगे। आखिर राहुल न्याय कैसे दिला सकते हैं ? राहुल जानते हैं कि वह कुछ नहीं कर पाएंगे लेकिन वह राजनीति के लिए सेना का भयानक दुरुपयोग करने से भी नहीं चूक रहे।''

यूजर @jpsin1 ने लिखा, ''राहुल गांधी रायबरेली में शहीद अंशुमान सिंह के परिवार से मिले। परिवार में झगड़ा करवा दिया, शहीद के पिता पूर्व जेसीओ सेना से है उनकी पत्नी पेशे से इंजीनियर है और उसके पिता स्कूल टीचर है। ये राजनेतिक लोग हमारी सेनाओं से दूर क्यों नही रहते? सेना का अपना पूरा सिस्टम है, उन्हे सेटल करने देना चाहिए।''

यूजर @SonuMdevi ने कहा, ''कैप्टन अंशुमान सिंह के माता-पिता और स्मृति सिंह विवाद मे राहुल गांधी कूद चूके है। हालांकी मामला पारिवारिक है परंतु राहुल गांधी राजनीतिक रूप से उतरे है। मैं पहली बार इस मामले पर राहुल गांधी का समर्थन करूंगी। कैप्टन अंशुमान और स्मृति की शादी को मात्र 5 महीने हुए थे और उनके बच्चे भी नहीं थे और स्मृती ने कैप्टन अंशुमान सिंह के माता-पिता को छोड़ दिया है।''

अमित मालवीय बोले- एक शहीद के परिवार में आग लगाने का काम किया है राहुल गांधी ने

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा, 'एक शहीद के परिवार में आग लगाने का काम किया है बालक बुद्धि राहुल गांधी ने। ये द्वेषपूर्ण और घृणित राजनीति की पराकाष्ठा है।''

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