जिस पायल कपाड़िया पर PM मोदी को है गर्व, फिर एक्टर अली फजल ने क्यों कहा- प्लीज ऐसा मत करो, जानें क्या है मामला
Payal Kapadia: फिल्म निर्माता पायल कपाड़िया का नाम इन दिनों सुर्खियों में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर विपक्षी नेता राहुल गांधी तक उनकी तारीफ कर रहे हैं। पायल कपाड़िया ने कान फिल्म फेस्टिवल में ग्रैंड प्रिक्स जीता है और देश का नाम रोशन किया है।
FTII से ग्रेजुएट हुईं पालय को कभी राष्ट्र विरोधी कहा गया था, पाकिस्तान तक जाने की सोशल मीडिया पर नसीहत दी गई थी...लेकिन आज देश को उनपर गर्व है। खुद पीएम नरेंद्र मोदी ने पायल की तारीफ में ट्वीट किया है। वहीं बॉलीवुड अभिनेता अली फजल ने सरेआम ट्वीट कर पायल कपाड़िया के लिए ऐसी बात कही, जो वायरल हो गया है।

PM मोदी बोले- पायल कपाड़िया पर देश को गर्व है
पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, ''भारत को पायल कपाड़िया पर उनके काम 'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' के लिए 77वें कान फिल्म फेस्टिवल में ग्रैंड प्रिक्स जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व है। FTII की पूर्व छात्रा, उनकी उल्लेखनीय प्रतिभा ग्लोबल मंच पर चमकती रहती है, जो भारत में समृद्ध रचनात्मकता की झलक देती है। यह प्रतिष्ठित सम्मान न केवल उनके असाधारण कौशल को दिखाता है बल्कि भारतीय फिल्म निर्माताओं की नई पीढ़ी को भी प्रेरित करता है।''
पायल की जीत पर FTII ने भी की तारीफ
पायल की जीत पर FTII ने कहा, '' यह FTII के लिए गर्व का क्षण है क्योंकि इसके पूर्व छात्रों ने कान में इतिहास रचा है। 77वें कान फिल्म फेस्टिवल हमारे देश के लिए अभूतपूर्व वर्ष रहा है। FTII सिनेमा के इस मेगा अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपने पूर्व छात्रों की शानदार उपलब्धियों पर गर्व महसूस करता है।''
अली फजल बोले- प्लीज ये मत करो...
बॉलीवुड अभिनेता अली फजल ने पायल के लिए FTII ने जो ट्वीट किया था, उसको रिट्वीट करते हुए कहा, ''ओह, प्लीज ये मत करो... बस मत करो...।'' अली फजट का ये ट्वीट वायरल हो गया है। यूजर का कहना है कि आखिर अच्छे काम के लिए भी क्यों पायल को लेकर ऐसी बातें क्यों कही गई है। असल में अली फजल ने पायल कपाड़िया को बधाई देने के दोहरे मापदंड के लिए एफटीआईआई की आलोचना की है।
पायल कपाड़िया पर क्यों किया गया था FIR?
FTII ने 2015 में पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के रूप में गजेंद्र चौहान के नियुक्त किया था। जिसका विरोध उस वक्त पायल कपाड़िया ने किया था। पायल ने 2015 में गजेंद्र चौहान को FTII अध्यक्ष बनाए जाने पर 139 दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया था। इसके लिए FTII पायल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की थी।
2015 में FTII के निदेशक प्रशांत पथराबे को उनके कार्यालय में बंदी बनाने के आरोप में पायल और 34 अन्य छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज (FIR) की गई थी। और अब 9 साल बाद जब वही FTII पायल की तारीफ कर रहा है तो अली फजल को ये बात सही नहीं लगी है।












Click it and Unblock the Notifications