Bypolls Percentage: पंजाब, बंगाल, गुजरात और केरल की पांच सीटों पर उपचुनाव, कहां हुई कितने प्रतिशत वोटिंग?
Bypolls Percentage: पंपोर आतंकी हमले और 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद देश में जब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं। ऐसे समय में पंजाब, पश्चिम बंगाल, गुजरात और केरल की पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव एक अहम परीक्षा बनकर सामने आया है। यह पहला मौका है जब इन घटनाओं के बाद जनता लोकतंत्र के इस महापर्व में भाग ले रही है।
गुरुवार, 19 जून को सुबह शुरू हुए मतदान के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। इन उपचुनावों को महज सीटों की लड़ाई नहीं बल्कि राजनीतिक दलों की अगली रणनीति का ट्रायल माना जा रहा है, खासकर तब जब पश्चिम बंगाल और केरल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चलेगा।

कहां-कहां हो रहा है मतदान
इन पांच सीटों में पश्चिम बंगाल की कालिगंज, केरल की नीलांबुर, पंजाब की लुधियाना वेस्ट और गुजरात की वीसावदर व कड़ी विधानसभा सीटें शामिल हैं। चुनाव आयोग ने इन इलाकों में केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस की तैनाती की है। हर मतदान केंद्र पर लाइव वेबकास्टिंग के जरिए निगरानी की जा रही है।
ये भी पढ़ें: By-Elections Voting: गुजरात, पंजाब, केरल और पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव, जानिए कब आएंगे नतीजे?
वोटिंग प्रतिशत (11 बजे तक)
वीसावदर, गुजरात: 28.15%
कड़ी, गुजरात: 23.85%
नीलांबुर, केरल: 30.15%
लुधियाना वेस्ट, पंजाब: 21.51%
कालीगंज ,पश्चिम बंगाल: 30.64%
23 जून को मतगणना
वोटों की गिनती 23 जून को होगी। खास बात ये है कि केरल और पश्चिम बंगाल में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिससे यह उपचुनाव और भी अहम हो गया है।
लुधियाना वेस्ट सीट पर कांटे की टक्कर
यह सीट AAP विधायक गुरप्रीत गोगी के निधन के बाद खाली हुई थी। यहां कुल 14 उम्मीदवार मैदान में हैं और करीब 1.75 लाख वोटर वोट डाल सकते हैं। यहां 194 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और सभी पर 100 फीसदी लाइव वेबकास्टिंग हो रही है।
AAP ने अपने राज्यसभा सांसद और उद्योगपति संजीव अरोड़ा को टिकट दिया है। कांग्रेस ने भारत भूषण आशु को उतारा है, जो 2012 और 2017 में इस सीट से विधायक रह चुके हैं। भाजपा ने अपने वरिष्ठ नेता जीवन गुप्ता को मैदान में उतारा है, जबकि शिरोमणि अकाली दल की ओर से परुपकार सिंह घुम्मन चुनाव लड़ रहे हैं।
नीलांबुर उपचुनाव में 10 उम्मीदवार
केरल की नीलांबुर सीट CPI(M) के पूर्व विधायक पीवी अनवर के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री विजयन पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस सीट पर सत्तारूढ़ LDF ने एम स्वराज को, कांग्रेस गठबंधन ने आर्यादान शौकत को और बीजेपी गठबंधन ने मोहन जॉर्ज को टिकट दिया है। पीवी अनवर निर्दलीय के रूप में भी चुनाव लड़ रहे हैं।
यहां 2.32 लाख से ज्यादा वोटर हैं। इनमें 7,787 पहली बार वोट डालने वाले हैं और 373 ओवरसीज वोटर भी शामिल हैं।
कालिगंज में तिकोना मुकाबला
पश्चिम बंगाल की कालिगंज सीट TMC विधायक नसीरुद्दीन अहमद के निधन के बाद खाली हुई। अब उनकी बेटी अलीफा TMC की उम्मीदवार हैं। भाजपा ने आशीष घोष और कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन ने काबिल उद्दीन शेख को उम्मीदवार बनाया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद देशभक्ति की भावना और पहचान की राजनीति इस उपचुनाव में मुख्य मुद्दे बन गई है।
गुजरात की वीसावदर और कड़ी सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला
गुजरात की वीसावदर सीट AAP विधायक भूपेंद्र भायाणी के इस्तीफे के बाद खाली हुई, जो अब भाजपा में शामिल हो गए हैं। यहां भाजपा ने किरीट पटेल, कांग्रेस ने नितिन रणपरिया और AAP ने गोपाल इटालिया को टिकट दिया है।
कड़ी सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और BJP विधायक कर्सन सोलंकी के निधन के बाद खाली हुई। भाजपा ने राजेंद्र चावड़ा, कांग्रेस ने रमेश चावड़ा और AAP ने जगदीश चावड़ा को मैदान में उतारा है।
सुरक्षा चाक-चौबंद, नजरें नतीजों पर
सभी सीटों पर मतदान शांतिपूर्वक चल रहा है। केंद्रीय बलों की तैनाती, वेबकास्टिंग और निगरानी के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अब सबकी नजर 23 जून की मतगणना पर टिकी है, जब तय होगा कि किसका पलड़ा भारी रहा।
ये भी पढ़ें: कौन हैं जयश्री पाटिल? कांग्रेस छोड़ भाजपा में हुईं शामिल, जानिए BJP को क्या होगा फायदा












Click it and Unblock the Notifications